आज कश्मीरी लाल जी 38 वर्ष के हुए।
चौंकिए मत! कश्मीरी लाल जी का आज वास्तव में 72 वां जन्मदिन ही है। वह 71 वर्ष पूर्ण कर गए हैं। आज जब सायंकाल कुछ कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय परिसर में ही बने मंदिर में माथा टेकने के बाद आपस में चर्चा हो रही थी,तो विषय निकला की किसी की आयु कितनी मानी जाए?
तो वहां एक पुराना प्रसंग सुनाया गया।
एक शिष्य अपने गुरु से 14 वर्ष तक शिक्षा लेता रहा और फिर जब वह दीक्षांत करके जाने लगा तो गुरु ने सहज रूप से पूछा “तेरी आयु कितनी है?”
तो उसने उत्तर दिया “14 वर्ष!”
गुरु ने आश्चर्य से कहा “अरे! तू तो 35..36 साल का लगता है?”
उसने कहा “गुरु जी! जब से आप की शिक्षा ली तभी से जीवन सार्थक हुआ। उससे पहले वाला तो जीवन निरुद्देश था।उसका क्या गिनना।”
वैसे कश्मीरी लाल जी तो उससे पहले भी संघ के कार्यकर्ता थे। हां! वह 1984 में प्रचारक निकले।
स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी जी ने एक उद्बोधन में कहा था “(Not the longer life…)कितने वर्ष जिए, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं बल्कि कितने वर्ष आपने समाज के लिए जिए,या सार्थक जीवन जिए, यह व्यक्ति की महानता तय करता है…।”
“क्यों ठीक है न बात?”~सतीश कुमार
नीचे:आज मंदिर में माथा टेकने के बाद के चित्र