उद्यमिता है भारत के युवाओं का नया महामंत्र!
गत 23 24 25 फरवरी में 3 दिन तक अपने 8 आर्थिक संगठन केवल एक ही बात पर चिंतन मंथन करते रहे की करोना के पश्चात भारत की बढ़ी बेरोजगारी को कैसे काबू किया जाए?
डॉ कृष्ण गोपाल जी,संघ के सह सरकार्यवाह के नेतृत्व में भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ, लघु उद्योग भारती, ग्राहक पंचायत, सहकार भारती विद्यार्थी परिषद, राजनीतिक क्षेत्र व स्वदेशी जागरण मंच के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने इस समस्या के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की।
साथ ही 64 सफल प्रकल्पों,जिन्होंने रोजगार सृजन किया, उनके आए वीडियो सहित विश्लेषण भी हुआ। अंततः यही निष्कर्ष आया कि भारत के युवाओं को तेजी से उद्यमिता, स्टार्टअप्स, व एफपीओ के मार्ग पर आना चाहिए।
नौकरियां सीमित हैं,पर रोजगार असीमित है।
अपनी कर्मठता,परिश्रम-शीलता व उद्यमिता के आधार पर युवा आगे बढ़े और यह संदेश स्वावलंबी भारत अभियान के सभी कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचाएं,यह संकल्प कर यह कार्यशाला संपन्न हुई।
नीचे:उसी बैठक के चित्र