एक पत्र रूस के राष्ट्रपति पुतिन के नाम!
श्री व्लादीमीर पुतिन जी! नमस्कार।
इस समय पर संपूर्ण विश्व की निगाहें यूक्रेन में आपके द्वारा घोषित युद्ध और उसके संभावित परिणामों पर लगी हैं। यह ठीक है कि यूक्रेन की 4.4 करोड़ की आबादी जिसकी तीन तरफ से सीमा आपके व आपके समर्थित बेलारूस सरकार के तरफ से घिरा है।आपकी बड़ी प्रशिक्षित व परमाणु सम्पन्न सेना के सामने कहीं नहीं टिकती। फिर रूस ने 30 साल पहले यूक्रेन के परमाणु हथियार उससे ले लिए।(समझौते से) यूक्रेन ने आप पर विश्वास किया। आपके पास अब 4000 से अधिक परमाणु बम हैं। यूक्रेन के मुकाबले में लगभग 8 गुना अधिक सैन्य ताकत है।आपकी इकॉनमी का साइज भी यूक्रेन से 3 गुना है और सबसे बड़ी बात आप गत 22 सालों से रूस की सत्ता पर काबिज हैं और विश्व में अपने प्रकार के स्वतंत्र निर्णय करने के लिए जाने जाते हैं। यह भी सब को पता है कि इस युद्ध का मूल कारण 2024 में होने वाले रूस में चुनाव हैं और आप उसे किसी भी कीमत पर जीतना चाहते हैं।2018 के चुनाव में भी आपने धांधली करके एक तरफा चुनाव जीता था।अपने विपक्षी नेता को जहर देने का आप पर आरोप लगा था।अब भी वह और उसकी पत्नी रूस की जेल में बंद है। 2 वर्ष पूर्व ही रूस में आपके खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हुए थे।
दुख केवल इस बात का है की आप दोबारा सत्ता प्राप्त करने का रास्ता, हजारों रूसी सैनिकों की और उससे कई गुना अधिक यूक्रेन के सैनिकों व नागरिकों की लाशों के ऊपर से बना रहे हैं।और ऐसा करने के लिए आपने राष्ट्रवाद जैसी पवित्र भावना का दुरुपयोग किया है।आप ने मीडिया को पूर्णतया नियंत्रित करते हुए रूस की जनता को यह बताया है कि आप रूस का विस्तार कर रहे हैं और यूक्रेन जिसे शैतान? पश्चिमी देश सहयोग कर रहे हैं, वह रूस की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। यह ऐसा ही है जैसा कि कोई भेड़िया कहे कि मुझे इस बकरी के हमला करने की आशंका है इसलिए मैं ही उस पर हमला कर रहा हूं।
जो भी हो इस पर परसों जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वोटिंग हुआ तो कुल 17 देशों में से 13 ने आप का विरोध किया तीन अनुपस्थित रहे और केवल आपको एक अपना ही वोट मिला है।यानी आप के समर्थन में विश्व का एक भी देश नहीं।
चीन भारत व यूएई भी नहीं। ये 3 देश अनुपस्थित जरूर रहे, लेकिन आपका समर्थन भी नहीं किया। क्योंकि उन्हें अनेक मुद्दों पर आपसे काम है व अभी रूस से टकराव नहीं लेना चाहते।
यह ठीक है कि यूक्रेन की ताकत कम है और अमेरिका के नेतृत्व वाला रक्षा गठबंधन नाटो, एक सीमा से अधिक यूक्रेन की सहायता नहीं कर सकता और आज नहीं तो कल यूक्रेन आपकी सेना द्वारा कुचला जाएगा।
यद्यपि यूक्रेन की सरकार और जनता अपने बहादुर राष्ट्रपति 44 वर्षीय जेलेन्स्की के नेतृत्व में बहादुरी से लड़ रहे हैं और आपकी वहां पर जीत को 4 दिन तक टाले रखा है।अभी देखना है और कितना वह आप को आघात पहुंचाते हैं।आप अभी तक अपने 2,000 से अधिक सैनिक गवा चुके हो इस से 3 गुना अधिक यूक्रेन के मारे गए हैं।भयंकर रक्तपात हो रहा है।
विश्व के सभी देश अपने अपने तरीके से आपको आगाह कर रहे हैं किंतु आपके सिर पर असुरक्षा का भूत सवार है।किंतु प्रकृति की अपनी भी ताकत होती है।चंगेज खान से लेकर तुम्हारे ही देश के पूर्व राष्ट्रपति स्टालिन तक ने करोड़ों लोगों को मारा है। किंतु न तो यह विश्व खत्म हुआ है आपके जैसे वैश्विक तानाशाह सिवाय विश्व और मानवता को दुखों के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकते और बदले में इतिहास में अपना नाम विश्व के सबसे घृणित व्यक्तियों में से एक के नाते से करवाते हैं। मुझे केवल एक व्यक्तिगत शिकवा है तुम्हारे से वह यह कि राष्ट्रवाद यह अत्यंत पवित्र भावना होती है मैं उसका पुरजोर समर्थक हूं किंतु इस अग्नि को रचनात्मक ऊर्जा में बदलने की बजाय आप मानवता का घर जलाने में कर रहे हो…बस यही दुख है। किंतु प्रकृति और परमात्मा इस सारे की भी योजना रहती है और तुम्हारे जैसे तानाशाह के लिए भी उसी के पास अंतिम योजना होगी। देखते हैं कैसी होगी फिर भी आपको कोई सन्मति आए तो इस संपूर्ण युद्ध के विभीषिका पर अपने निर्णय के बारे में पुनर्विचार अवश्य करें~सतीश कुमार