एक फिल्म जिसने सारे विश्व में कश्मीर पर सोच बदल दी।
आज होली खेलने अनेक कार्यकर्ता दिल्ली के स्वदेशी कार्यालय पर आए तो स्वभाविक है चर्चा तो द कश्मीर फ़ाइल्स की ही निकालनी थी।
सत्यवान जी ने पूछा “इस फिल्म का देश में या बाहर असर क्या पड़ेगा?”
तो मैंने कहा “इस फिल्म ने 32 वर्ष पूर्व हुए कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को बहुत सटीक तरीके से उजागर किया है। सारे देश के वामपंथी सेकुलर, जिहादी मानसिकता वाला वर्ग, पाकिस्तान और विश्व में इस्लाम फोबिया के पैरोकार सभी बैकफुट पर हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा की एक कटु सत्य साक्षात सारे विश्व में दिखाया जा रहा है,उससे मुंह कैसे मोड़े? जो पाकिस्तान कश्मीरी मुस्लिम पर अत्याचार की बात कहता था, जबकि सत्य आ गया है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कैसे हिंदू समाज के ऊपर अत्याचार किए हैं।”
किंतु अब भारत का विश्व पटल पर उदय हो रहा है। भारत का संवाद सारे भारत व सारे विश्व में मान्य हो रहा है। सत्य को उजागर होना ही था…चलो इसी फिल्म के बहाने ही हुआ। यह फिल्म पाक अधिकृत कश्मीर को स्वतंत्र कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है।~सतीश कुमार
नीचे:आज होली खेलने आये कार्यकर्ताओं के साथ