टेक्नोलॉजी अपनाओ, संगठन कार्य को आगे बढ़ाओ
अभी रोजगार सृजन हेतु प्रारम्भ हुए स्वावलंबी भारत अभियान हेतु मेरा गत 12 जनवरी से केरल से प्रवास शुरू होना था। सारे देश में यह 4 महीने का प्रवास था।किंतु करोना की तीसरी लहर आ गई।इसलिए प्रवास का क्या करें, कैसे करें? यह प्रश्न था।
किंतु स्वदेशी की टीम ने विचार किया की प्रवास रद्द न करते हुए तरंग माध्यम से कर लिया जाए। यानी गूगल मीट इत्यादि के माध्यम से।
योजना बनी, उसी हिसाब से सूचनाएं हुई और आज मेरा 24 प्रांतों का प्रवास पूरा हो चुका है। बाकी भी अनेक प्रकार की प्रक्रियाएं इसी पद्धति से बन रही हैं।सब तरफ सूची के लगभग शत-प्रतिशत कार्यकर्ता बैठकों में उपस्थित हो रहे हैं। विषय भी बहुत अच्छी तरह से चर्चा हो रहा है। क्योंकि हमने टेक्नोलॉजी का उपयोग किया। इसलिए संगठन के काम में बल्कि अधिक तेजी आई।
पिछले मास हमने शोध संस्थान के लिये तरंग माध्यम से ही 11 लाख रुपए से अधिक की राशि एकत्र कर ली।
ऐसी ही कुछ बात पंजाब के प्रवास पर कश्मीरी लाल जी के साथ हुई। उनका अमृतसर, बटाला प्रवास तो हुआ पर आगे का प्रवास कुछ कारणों से रद्द करना पड़ा। अब सब सोच रहे हैं की पंजाब का ऑनलाइन प्रवास हो जाए। इससे कार्यकर्ता बड़े प्रसन्न हैं कि वे अब अनेक जिलों में प्रवास तरंग माध्यम से करा पाएंगे और संगठन के काम को गति भी प्रदान करेंगे।
नीचे:आज मध्य भारत की तरंग बैठक में अखिल भारतीय संयोजक सुंदरम जी।