…तो भारत में होंगे 6लाख स्टार्टअप्स!
आज मैं मध्य बंगाल की बैठक लेने की तैयारी कर रहा था। इन दिनों स्वावलंबी भारत के अभियान के अंतर्गत देशभर के प्रांतों की बैठकें हो रही हैं,तरंग माध्यम से।
बैठक की तैयारी से पूर्व ही मैंने अध्ययन किया कि इस वर्ष भारत में प्रतिदिन 7 स्टार्टअप शुरू हुए हैं कुल 2280। यह विश्व के किसी भी देश से अधिक है। तो भूल जाइए अमेरिका, चीन, जापान या जर्मनी को।भारत है स्टार्टअप में सबसे आगे का देश।
फिर प्रति मास तीन यूनिकॉर्न(100 करोड़ों डॉलर की कंपनी) भारत में बन रही हैं। इस समय 84 हैं। मैंने कहा “हम अपने युवाओं की उद्यमिता को उभारने के लिए प्रोत्साहन दें, सहयोग करें तो निश्चित रूप से भारत के युवाओं में वह क्षमता है कि वे भारत को,जो अभी 60000 स्टार्टअप वाला देश है,छह लाख स्टार्टअपवाला देश बना देंगे और भारत की बेरोजगारी को दूर करने में एक व्यापक पहल करेंगे।”
वैसे भी प्रतिदिन 525 कंपनी रजिस्ट्रेशन तो हो ही रहा है।यदि माइक्रो व ऑर्गेनिक स्टार्टअप का कंसेप्ट युवाओं में चल जाए तो भारत की बल्ले बल्ले हो जाए।स्वावलंबी भारत अभियान इसी उद्यमिता व रोजगार सृजन के अभियान का नाम है,जो व्यापक रूप से सफल होता दिख रहा है।
नीचे:आंध्र प्रदेश की बैठक का अपने लैपटॉप पर फोटो मैंने लिया।