परमाणु बम, उन्नत मिसाइलों से कहीं अधिक शक्तिशाली होता है देशभक्त जनता का सामूहिक मन -राष्ट्रवाद!
रूस यूक्रेन की लड़ाई में कौन ठीक, इस विषय को अलग भी रखें, तो भी विश्व में जो आश्चर्य हो रहा है वह यह कि 9 दिन बाद भी रूस यूक्रेन को हरा नहीं पा रहा है। इसके उल्ट रूसी सेना के मनोबल टूटने के ही समाचार हैं।
कल उसके एक शहर नीति के मेयर ने एक वीडियो फेसबुक पर डाला है। जिसमें रूस की 1.13 अरब रुपए की मिसाइल सिस्टम वहां के नागरिकों- किसानों ने ही रूसी सैनिकों से छीन कर जला डाला। रूसी सेना के पास विश्व का सबसे बड़ा परमाणु बमों का जखीरा है,अति उन्नत सैन्य हथियार हैं।किंतु उसके हजारों सैनिक हजारों इस युद्ध में मारे जा चुके हैं।अनेक रोते हुए बंधक बने सैनिकों के फोटो, वीडियो आ रहे हैं। यूक्रेन की अपनी सैन्य ताकत तो कम है,पर लड़ रही है वहां की देशभक्त जनता। लड़ रहा है यूक्रेनी राष्ट्रवाद।
इसलिए मीलों कतार में खड़े सैन्य ट्रक व टैंक यूक्रेन की राजधानी में घुस नहीं पा रहे, 4 दिन से।जो भी हो चाहे रूस राजधानी कीव पर कब्जा कर भी ले, तो भी वह विजयी नहीं होगा।यूक्रेन की देशभक्त जनता लड़ती रहेगी और अंततः रूस को ही हार कर वापस जाना पड़ेगा। कितने रूसी और कितने यूक्रेनी इस समय पर मरेंगे, यह अलग बात है।किंतु अंततः यूक्रेन की देशभक्त जनता की जीत निश्चित है क्योंकि राष्ट्रवाद हमेशा अपराजेय होता है।
भारत में बेरोजगारी की महामारी को खत्म करने के लिये हम भी इसी राष्ट्रवाद के हथियार का भरपूर प्रयोग करने वाले हैं, जिसका नाम है स्वावलंबी भारत अभियान~सतीश कुमार
नीचे: स्वावलंबी भारत अभियान की गत दिनों दिल्ली की बैठक का एक फोटो व रूस की 1.13अरब रुपये की मिज़ाइल लांचर धूं धूं कर जलते हुए।