पूर्वोत्तर में राष्ट्रवादी ताकते हो रही मजबूत!
मैं 5 दिन के पूर्वोत्तर राज्यों का प्रवास कर आज दिल्ली लौटने वाला हूं। वहां त्रिपुरा में स्वदेशी का विचार वर्ग था। बाद में गुवाहाटी में कार्यकर्ता बैठक व अन्य कार्यक्रम हुए।
विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने मुझे बताया कि “वहां 670 विद्यालय चलते हैं।बड़ी संख्या में विवेकानंद केंद्र व रामकृष्ण मिशन के भी विद्यालय चलते हैं। अकेले विद्या भारती के विद्यालयों में ही 200000 से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।असम के दसवीं क्लास के पिछले 7 वर्ष से टॉपर अपने विद्यालयों के ही बच्चे होते हैं।”
उधर कुल 8 में से 7राज्यों में या तो भाजपा की या समर्थित सरकारें हैं।
स्वदेशी की भी विभिन्न जिलों में इकाइयां बन गई हैं।संघ की शाखाओं का नेटवर्क है। वनवासी कल्याण आश्रम काफी प्रभावी संगठन है। इसके अलावा सेवा भारती, विद्यार्थी परिषद, किसान संघ के भी कार्यकर्ता मिले। पूरा उत्साह है।
जो पूर्वोत्तर पहले भारत से अलगाववाद व ईसाई धर्मांतरण के कारण से ही जाना जाता था अब वहां पर भगवा शक्तियों के कार्यकर्ताओं का उत्साह व जनसामान्य में उसका प्रभाव दिखता है। वहां आईआईटी व विश्वविद्यालय में भी जाना हुआ।स्वदेशी के प्रति सब तरफ अनुकूल वातावरण बना है।
नीचे:इसी प्रवास के गुवाहाटी के कुछ फोटो