रोजगार सृजन ले रहा राष्ट्रीय संकल्प का रूप!!
कल भोपाल में स्वावलंबी भारत अभियान का प्रांतीय अभ्यास वर्ग था।काफी जोशीला वातावरण था।श्री जितेंद्र गुप्त जी जो अभियान के सह समन्वयक हैं, बाद में मेरे से बातचीत करने लगे।
“सतीश जी! देशभर से रोजगार पर प्रतिसाद बहुत अच्छा मिल रहा है।”
मैंने पूछा “कैसे, क्या क्या समाचार हैं, जरा बताओ?”
वह बोले “पहले तो भारत के सभी 45 प्रांतों में तरंग बैठकें बहुत अच्छी हुई,मणिपुर त्रिपुरा से लेकर केरल व जम्मू कश्मीर तक। फिर केंद्रीय कार्यशाला दिल्ली,तीन दिवसीय अत्यधिक सफल रही ही थी।”
सभी 11 संगठन पूरा सहयोग व समन्वय कर रहे हैं। मैंने कहा “उन संगठनों के कार्यकर्ता भी पूरे मन से लगे हैं?”
तो वह बोले “हां! हां! संगठन मंत्रियों ने सब तरफ बातचीत की है। वे स्वयं भी प्रवास कर रहे हैं।
फिर मैंने कहा “अभी क्या स्थिति है?”
तो वह बोले “45 में से 34 प्रांतों के अभ्यास वर्ग हो चुके हैं।जिनमें त्रिवेंद्रम में 60 से लेकर काशी में 300 तक कार्यकर्ता रहे। जिला टोलियों का गठन तेजी से चल ही रहा है।उधर डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार हो रहा है।संघ ने भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लगाए हैं। प्रांत व क्षेत्र प्रचारक स्वयं रुचि ले रहे हैं। आगे सभी संगठन क्षेत्रश: कार्यशालाएं करने वाले हैं।”
मैंने कहा “जानते हो? क्यों हो रहा है,इतना सब?”
वे चुप रहे।मैंने कहा “यह नियति की इच्छा है कि भारत के युवा पूर्ण रोजगार युक्त हो जाएं।हां! संघ का प्रस्ताव पारित कर देना यह व्यवहारिक, निर्णायक कदम हुआ है।”
जो भी हो उत्तर, दक्षिण,पूर्व पश्चिम धीरे-धीरे रोजगार सृजन एक राष्ट्रीय संकल्प बनता जा रहा है।…विजय सुनिश्चित है।~सतीश कुमार
नीचे:कल भोपाल स्वाबलंबी भारत अभियान के एक दिवसीय अभ्यास वर्ग के फोटो