स्वदेशी अभियान विजय की ओर!
आज दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए कुछ स्वदेशी कार्यकर्ता आए हुए थे।चर्चा निकली की व्यापारियों के संगठन CAIT ने अपना सर्वेक्षण करवा कर यह निष्कर्ष निकाला है की इस दीपावली पर लगभग 50000 करोड़ रुपए का सामान जो चीन से आता था,अब यही का बना हुआ बिक रहा है ।
मैंने कहा “केवल दिवाली की बात क्या है, लगातार प्रधानमंत्री जी द्वारा वोकल फॉर लोकल और मेड बाय इंडिया खरीदो की अपील और स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के लगातार प्रयास के कारण से आज दिवाली की लड़ियां,पटाखे, मूर्तियां खिलौने, कंबल,सजावट का अन्य सामान विशेषकर जो रोजगार वाले क्षेत्र हैं उनमें बड़ी मात्रा में अब स्थानीय और स्वदेशी ही लोग खरीद रहे हैं।
कभी स्वदेशी को पुरातन विचार मानते थे अब युवाओं में भी स्वदेशी और स्थानीय का फैशन बढ़ चला है।
फिर मैंने कहा कि “100 करोड़ से अधिक वैक्सीन लगाई गई वह सारी की सारी ही मेड बाय भारत थी। हमने अपना अरबो रुपैया व लाखों श्रम दिवस का रोजगार अपना सृजन किया या कहें, बचा लिया। अंत में कार्यकर्ता मिठाई खाने का आग्रह करते हुए बोले “हां!अब तो हमारा समय आ गया है।”~सतीश कुमार
नीचे:आज दिवाली पर कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ गपशप