आर्थिक महाशक्ति बनने को आतुर भारत!
आज से प्रार्रम्भ होगा #अर्थचिंतन2021
अभी 5 दिन पहले चीन के ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में लिखा कि “भारत अमेरिका का साथी नहीं, बल्कि स्वयं अमेरिका बनना चाहता है।” याने वैश्विक महाशक्ति बनना चाहता है।वाह…याने भारत के मन की बात चीन भी पहचान रहा है।
और इसके लक्षण भी नजर आने लगे हैं।भारत मैन्युफैक्चरिंग में विश्व में दूसरे क्रमांक पर आ गया है। अमेरिका नंबर तीन पर खिसक गया है।इस बार भारत का चावल निर्यात विश्व के कुल निर्यात का 45% हिस्सा है।बाकी के कृषि उत्पाद भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
उधर सर्विस क्षेत्र में 10% की ग्रोथ है।अकेले आईटी सोफ्टवेयर सेक्टर में ही भारत ने इस वर्ष 165 बिलियन डालर का निर्यात किया है।
स्वदेशी जागरण मंच ने भारत की भविष्य दृष्टि की ठीक पहचान करने के लिए आज से त्रि-दिवसीय #अर्थचिंतन 2021, तरंग कार्यक्रम रखा है।देशभर से उसमें हजारों कार्यकर्ता प्रोफेसर व अन्य अर्थशास्त्री जुड़ रहे हैं। क्योंकि भारत के प्रमुख व्यक्तित्व जैसे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भूपेंद्र यादव,नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार, अमूल के एमडी भूपेंद्र सिंह सोढ़ी, सुविख्यात अर्थशास्त्री प्रो:नागेश व आशिमा गोयल, कनेरी मठ के स्वामी जी, जोहो के श्रीधर वैंबू, संघ के सह सरकार्यवाह श्री मुकुंदा जी जैसे 12 प्रमुख विचारक अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
2030 तक भारत को पूर्ण रोजगार युक्त, जीरो बीपीएल व 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी बनाने का विषय है। आप भी देखें सुने!~सतीश