और एक अध्यापक का बेटा, 600नौकरियां देने वाला उद्यमी बन गया!
मैं आज नए उद्यमियों की किसी नई कहानी की खोज में था।तभी मुझे सौरभ के बारे में पता चला तो मैंने सोचा स्वदेशी चिट्ठी के पाठकों को उसके बारे में बताऊं।
सौरभ कुमार बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है। पिताजी स्कूल में अध्यापक थे।पांचवी कक्षा तक पढ़ाई गांव में की और फिर सुलभ इंटरनेशनल का स्कॉलरशिप जीतकर वह दिल्ली में पढ़ाई के लिए आ गया।याने छठी के बाद अपनी पढ़ाई का खर्चा स्वयं अर्जित किया(Earn while you learn).
12वीं तक की पढ़ाई के बाद दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से ही उसने इंजीनियरिंग की डिग्री ली। फिर वह यूरोप में फ्रांस व बाद में m-tech की पढ़ाई करने के लिए, अमेरिका चला गया।अब अमेरिका में M.tech की पढ़ाई का खर्चा निकालना था, तो Oracle व google में नौकरी की। यानी यहां भी वह अपनी पढ़ाई का खर्चा खुद निकालता रहा।
फिर वहीं पर ही नौकरी लग गई। जानते हैं कितने में? एक करोड़ रुपए सालाना!किंतु सौरभ कुमार के मन में नौकरी न करके उद्यमिता याने अपना ही काम करने और #नौकरियांदेनेवाला #बननेकाजुनून था।वह भी इस हद तक, कि वह बड़ा रिस्क लेकर भारत आ गया।(Don’t be job seeker be job provider)
भारत आकर उसने पहले एक कंपनी quad-26 बनाई। वह चल पड़ी। किंतु पेटीएम का पैसा लगा था(majority share) उसे अमेरिकी कंपनी ने टेकओवर कर लिया। सौरभ ने हिम्मत नहीं हारी।वह “Think Big,Think New,Think out of Box” के विचार पर बढ़ा और 2018 में जब भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने के लिए सरकार सहयोग करने लगी तो उसने आयल मोटर नाम की कंपनी बनाई और फोर व्हीलर बनाना शुरु कर दिया। उसका काम चल पड़ा है।उसकी फैक्ट्री में 600 लोग रोजगार पा रहे हैं।उसकी इच्छा भारत का यूनिकॉर्न(100 करोड़ की कंपनी) बनने की व 6000 लोगों को नौकरियां देने की है।
भारत को ऐसे सौरभ कुमारों की ही जरूरत है तभी भारत पूर्ण रोजगार युक्त व 10 ट्रलियन डॉलर की इकॉनमी बन पाएगा।~सतीश कुमार
नीचे:सौरभ कुमार