NITI Aayog CEO Amitabh Kant explains how India can achieve 9-10% growth - The Financial Express

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि सरकार भारत को एक वैश्विक निर्माण केंद्र बनाने के लिए कई मोर्चे पर एक साथ काम कर रही है. कांत ने उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार विशेष रूप से निर्यात बढ़ाने पर ध्यान दे रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार घरेलू निर्माण को प्रोत्साहन देने को उत्पादन से संबंधित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का विस्तार अधिक क्षेत्रों तक करने के लिए अपनी योजना को अंतिम रूप दे रही है. कांत ने कहा, “केंद्र सरकार भारत को एक वास्तविक निर्माण केंद्र के रूप में पेश करने के लिए कई मोर्चे पर काम कर रही है. इसमें विशेष रूप निर्यात पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान का मतलब खुद को अलग-थलग करना नहीं, बल्कि ग्लोबल वैल्यू सीरीज के साथ गहराई से एकीकरण और देश की निर्माण ताकत का इस्तेमाल कर प्रमुख वैश्विक निर्यातक बनना है. कांत ने कहा कि निवेश और नवोन्मेषण से भारत में निर्माण बढ़ेगा. उन्होंने कहा, “देश और कंपनियां अपनी निर्माण रणनीति का नए सिरे से आकलन कर रही हैं, जो देश की वृद्धि में योगदान का एक नया मार्ग हो सकता है.”

उन्होंने कहा कि मोबाइल और चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए पीएलआई योजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार का लाभ मिला है. उन्होंने कहा, “22 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निर्माता कंपनियों ने अगले पांच साल के दौरान 11 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन उत्पादन के प्रस्ताव दिए हैं. इन कंपनियों में आईफोन कंपनी एपल के लिए अनुबंध पर निर्माण करने वाली कंपनी के अलावा सैमसंग, लावा और डिक्सन आदि शामिल हैं.” नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि मोबाइल निर्माण के साथ इसी तरह की योजनाएं फार्मा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्रों में भी शुरू की गई हैं, उन्होंने कहा, “अब हम वाहन, नेटवर्किंग उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करणऔर सौर पीवी निर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए भी योजनाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं. सरकार ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लिए पीएलआई योजना बनाई है.”

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