पहाड़ का बेमिसाल किसान..दो पौधों से उगा दी दो कुंतल कीवी, कमाई भी शानदार (Almora farmer Mohan Singh Latwal Kiwi Farming)

आज हम बात करेंगे 72 वर्षीय मोहन सिंह लटवाल जी की, जो कोविड-19 के दौर में अपने गांव लौटे युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

जी हां मोहन सिंह जी ने असंभव को भी संभव कर दिखाया। उन्होंने आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया में उगाए जाने वाले कीवी के फलों को अपने गांव ‘स्याहीदेवी’ जिला अल्मोड़ा उत्तराखंड में उगा दिया, और आज अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं।

मोहन सिंह जी 2005 में जिले का “प्रगतिशील किसान” का पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। वे जैविक कृषि के माध्यम से नए नए प्रयोग करते रहते हैं। ऐसे ही उन्होंने एक बार कृषि विशेषज्ञों से कीवी फल की खेती करने का सुझाव दिया लेकिन विशेषज्ञों ने पहाड़ की पथरीली जमीन और स्याहीदेवी गांव की समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई को कीवी की खेती के लिए प्रतिकूल बताया, क्योंकि कीवी के फल के लिए समुद्र तल से 900 से 18 मीटर की ऊंचाई अनुकूल मानी जाती है। लेकिन मोहन सिंह जी ने कोशिश करने की ठान ली थी। फिर कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें मात्र 2 कीवी के पौधे दिए उन्होंने अपने दो नाली जमीन में उन्हें लगा दिया जैविक खादों और अच्छी देखभाल करने से मोहन सिंह जी ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया।

आज मोहन सिंह जी दोनों कीवी के पौधों से 3 से 4 क्विंटल तक कीवी प्राप्त कर रहे हैं और ढाई सौ रुपए किलो के हिसाब से बेच भी रहे हैं। जिस से अच्छी कमाई भी हो रही है। देखते ही देखते आसपास के क्षेत्र की युवा पीढ़ी भी मोहन सिंह जी से प्रशिक्षण ले रही है। और कुछ अलग करने की प्रेरणा ले रहे है।

     “स्वदेश्यैव देशस्य प्रतिष्ठा”