inspiring story of Krishna Yadav who became a millionaire by selling pickles  on the road | सड़क किनारे अचार बेचकर करोड़पति कैसे बनीं कृष्णा यादव, आज 4  कंपनियों की मालकिन, टर्नओवर 4

आसमान की ऊंचाइयों को छूने के लिए,

पंखों की नहीं हौसलों की जरूरत है।।

आज हम बात करते है, उस महिला की, जिसने कभी दिल्ली आने के लिए 500 रूपए उधार लिए थे, और आज पांच कम्पनियों की मालकिन है और पांच करोड़ से अधिक का कारोबार कर रही है।

जी हां हम बात कर रहे हैं श्रीमती कृष्णा यादव जी की, जो बुलंदशहर उत्तर प्रदेश की रहने वाली है, और अब दिल्ली एनसीआर में रहती है।

दरअसल बात 1995-96 की है, जब उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया कि वह सड़क पर आ गये थे। पति गोवर्धन यादव को बिज़नेस में हुए नुकसान में घर, गाड़ी, जमीन सब बिक गया। 20-25 हजार का कर्जा हुआ, और पति मानसिक रूप से परेशान हुए सो अलग। स्थिति बहुत खराब थी। लेकिन उस समय कृष्णा यादव जी ने हौसला बनाए रखा और पूरे परिवार को हिम्मत और ताकत देते हुए किसी मित्र से 500 रूपए उधार लेकर अपने बच्चों और पति को गुरुग्राम लेकर आ गई।

पहले दिल्ली गुरुग्राम की दौड़ती भागती जिंदगी के बीच एक नौकरी ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहा। फिर मजबूरन गुरुग्राम में एक खेत बटाई पर लेकर उसमें सब्जियां उगानी शुरू की, लेकिन उसमें भी कोई खास फायदा ना हुआ। जिसमें मेहनत अधिक और मुनाफा बहुत कम था।

एक दिन टेलीविजन पर दूरदर्शन के एक कार्यक्रम में उन्होंने कृषि प्रकरण प्रसंस्करण तकनीक के प्रशिक्षण की जानकारी मिली। कृष्णा यादव ने 2001 में कृषि विज्ञान केंद्र उजाव से खाद्य प्रसंस्करण तकनीक का 3 महीने का प्रशिक्षण लिया। फिर 2000 रूपए से अचार बनाने का काम शुरू कर दिया। और उस अचार को खुद ही सड़क किनारे एक ठेली पर बेचना शुरूकर दिया। शुरुआत में ज्यादा बिक्री न थी, अधिक बच जाता और खराब भी हो जाता था। इससे कृष्णा यादव जी के मन में हताशा हुई, लेकिन उनके पति ने उनका हौसला बढ़ाया। अचार धीरे धीरे जैसे-जैसे लोगों तक पहुंचा, लोगो को पसंद भी आया तो उन्हें ऑर्डर भी आने लगे।

कारोबार बढ़ता गया फिर उन्होंने कंपनी बनाने की सोची। लेकिन एक साल तक उन्हें कंपनी का लाइसेंस तक नहीं मिल पाया। फिर किसी की मदद से उन्होंने “श्री कृष्णा पिकल्स कंपनी” के नाम से कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया। और आज वह पांच कंपनियों की मालकिन है। जिनसे पांच करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। 200 से अधिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। हजारों लोगों को रोजगार दिया है। अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों से आने वाले हजारों लोग प्रशिक्षण लेने आते हैं। 

8 मार्च 2016 को कृष्णा यादव जी को भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से नारी शक्ति सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा अनेकों राजकीय और राष्ट्रीय सम्मान उन्हें प्रदान किए जा चुके हैं ।

“मेहनत, ईमानदारी और लगन से किया गया काम हमेशा सफलता दिलाता है! यह कहना है श्रीमती कृष्णा यादव जी का। 

 

“स्वदेश्यैव देशस्य प्रतिष्ठा अस्ति।।”