आज दिल्ली में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा एक उच्च स्तरीय गोष्टी का आयोजन किया गया! इसका विषय था Regional comprehensive Economic pact(RCEP). यह चीन जापान कोरिया भारत सहित १६ देशों में होने वाला बहुपक्षीय फ्री ट्रेड एग्रीमेन्ट है, जिसके अगले वर्ष होने की संभावना है!
किन्तु आज हुई गहन चर्चा में से निकल कर आया कि इस प्रकार के समझोते से भारत का कोई भला नहीं होने वाला। भारत सरकार के एक वरिश्ठ अधिकारी को भी बुलाया गया था ताकि वे इन विद्वानों का मत प्रत्यक्ष समझ सके।बहुत गहराई से चर्चा हुई।
मेरे से एक कार्यकर्ता ने प्रश्न किया कि क्या हमारी इस कसरत का सरकार पर असर पड़ेगा?
मैने कहा “जरूर पडेगा।जब कोई बात ठोस तर्क व सही तरीके से रखी जाती है तो फर्क जरूर पड़ता है!”
मैने आगे कहा “अपने पास इतने परिपक्व कार्यकर्ता हैं ही,जो सरकार को समझा सकने में सक्षम हैं! हां आवश्यकता पड़ने पर मनवाने के लिए सघर्ष के लिए सदैव तैयार भी रहना चाहिए।”
इस परिचर्चा में JNU के प्रो:विश्वजीत धर ने RCEP क्या है बताया, तो प्रो:अभिकांत दास ने अपना मत रखा।असगर जाफरी ने खेती पर नुकसान बताए तो डायरैक्टर विपिन मेनन ने इसके अन्य पक्ष भी बताए।कश्मारी लाल जी ने चर्चा का समापन किया। कारयक्रम का आयोजन,संचालन अपने प्रो: अश्वनी महाजन ने किया।