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लोकसभा चुनाव के पांच चरण हो चुके हैं। सब की उत्सुकता 23 तारीख के लिए लगी है कि क्या परिणाम आता है?
कल मुंबई सटोरीओं की बड़ी खबर आई है। यद्यपि यह धंधा कोई नैतिक या कानूनी नहीं है। किंतु यह भी सत्य है की की सट्टा बाजार, जिसमें इस समय तक 85000 करोड़ रुपए का सट्टा लग चुका है, उसके अनुमान एग्जिट पोल से भी ज्यादा सटीक होते हैं।

इसके अनुसार भाजपा को 230 सीटों पर 32 पैसे भाव से खुलता है और कांग्रेस 60 सीटों से भाजपा को 250 सीटों पर एक रुपए तक का भाव है जबकि कांग्रेस को 75 से ऊपर भाव ही नहीं मिल रहा। भाजपा( एनडीए सरकार)बनाने के बारे में तो केवल 12 पैसे का सट्टा है।पर यूपीए सरकार बनने पर तो 50 रूपये का है।याने सटोरिया बाजार यह निश्चित मानता है कि एनडीए की सरकार स्पष्ट बहुमत से बन रही है।
दूसरी तरफ कांग्रेस का हाल देखिए!!
हम तो ठहरे फकीर लोग! अपुन के पास तो एक पैसा भी नहीं, ना इस टाइप के सट्टे के बारे में हमारे कोई अच्छे विचार हैं।
किंतु अपुन तो नहीं मानते कि कांग्रेस को 60 सीटें भी आ रही हैं, और ना ही यह मानते हैं कि भाजपा को 260 से कम आएंगी।
आज अहमदाबाद में मेरी कम से कम 10 प्रमुख लोगों से बात हुई।एक को छोड़ कोई मानने को तैयार नहीं कि भाजपा की 26 की 26 सीटें नहीं आएंगी।
….. चलो कुछ तो ऊंच-नीच होगी।
बाकी 23 मई को सब,लड्डू तैयार रखें।
जय श्री राम… तो होना ही है, और जय स्वदेशी..जय स्वदेशी भी!

नीचे:आज भारत के सबसे बड़े मैनेजमैन्ट संस्थान IIM अहमदाबाद में जाना हुआ।वहां सीनियर प्रोफेसर टीटी राममोहन जी से बैंकिग,रोजगार,चायनीज बायकाट,नोटबन्दी,गरीबी उन्मूलन व Bharat may become 10 Trillion dollar economy जैसे विषयों पर लम्बी चर्चा हुई।आशा के विपरीत वे इन मुद्दों पर मोटे तौर पर स्वदेशी दृष्टिकोण से सहमत दिखे।