एक ऐसी महिला जिससे माताओं बहनों को खूब प्रेरणा मिल रही है ।
पति की दुःखद और असमय मौत के बाद मुरैना जिले में पहाड़गढ़ के पास गांव जलालपुरा की एक महिला ने खेत में खुद हल चलाकर नेशनल रिकॉर्ड बना दिया। उसे समाज के लोग विधवा कहकर घर पर बैठने की हिदायत दे रहे थे लेकिन उसने सुनी तो सबकी,पर निर्णय अपने निश्चय अनुसार किया!
आज रेखा अपने खेत में आधुनिक तौर-तरीके से खेती करती हैं और पैदावार भी काफी बढ़ा ली। महज 1 हेक्टेयर के खेत में 50 क्विंटल बाजरा पैदा कर नया रिकॉर्ड बनाया, क्योंकि अब तक नेशनल एवरेज 15 क्विंटल था।
रेखा की इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय कृषि-कर्मण अवॉर्ड के लिए सम्मानित किया है।
पति की जब मौत हुई तो समाज ने रेखा को सांत्वना तो दी, पर उसकी भविष्य के प्रति ईच्छा के भाव को न भांप पाए!
कंधों पर दो बेटियों और एक बेटे की जिम्मेदारी थी और गुजारे के नाम पर महज 1 हेक्टेयर का खेत। इसी के सहारे परिवार पालना था।खुद अपनी खेती को संभालने बाहर निकली तो रेखा को अनेक कठिनाईयों का भी सामना करना पडा़, पर उसने हार न मानी!
समाज के असहयोग के चलते कई बार तो गृहस्थी के काम के साथ खुद रेखा को खेतों में हल भी चलाना पड़ा। आखिरकार रेखा की जिद कामयाब हो गई है, अब गांव के लोग भी रेखा पर गर्व कर रहे हैं।
हिम्मत करे इन्सान तो क्या हो नहीं सकता!
~राजेश जिंदल – ‘स्वदेशी-चिट्ठी’