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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज वैक्सीन के ट्राएल हेतू टीका लगवाते हुए
स्वदेशी भारत ने अपनी एक और धाक जमाते हुए दुनिया भर में कोरोना की वैक्सीन के मामले में भी बढ़त बना ली है।भारत में 3 वैक्सीन निर्माताओं ने भारत सरकार से अपनी वैक्सीन बाजार में उतारने की अनुमति मांगी है। इनमें से एक है अमेरिका की फाइजर, दूसरी है भारत की सिरम इंस्टीट्यूट( ऑक्सफोर्ड सहयोगी) की कोविशील्ड और तीसरी है भारत बायोटेक की कोवेक्सीन।
यानी भारत की दो स्वदेशी कंपनियों ने वैक्सीन का डाटा जमा कराया कराया है और कहा है कि उनकी वैक्सीन सुरक्षित व परिणाम कारक है।
दुनिया भर में न केवल भारत के दवा उद्योग की विश्वसनीयता और सुलभता की चर्चा है, बल्कि 3 दिन पूर्व 66 देशों के प्रतिनिधि वैक्सीन निर्माण स्थल का निरीक्षण करने हैदराबाद,पुणे आए, व संतुष्ट हुए कि भारत ने इस विषय में बहुत अच्छी प्रगति कर ली है। भारत के पास के पास उस स्तर की क्षमता भी है।
यहां यह भी ध्यान में रहे की जेनेरिक दवाइयों के मामले में भारत दुनिया का बड़ा निर्माता व निर्यातक देश है। लगभग 20% दवाइयां भारत में बनती हैं।स्वदेशी भारत ने न केवल पीपीई किट, करोना टेस्टिंग किट, आदि में आत्मनिर्भरता पाई बल्कि दुनिया को निर्यात भी किया है। अब वैक्सीन के मामले में भी यही होने की पूरी संभावना है। हां! “स्वदेशी भारत में है दम, बोलो वंदे मातरम”
~सतीश कुमार