मुंबई में तारक मेहता से मिलना हुआ, उन्होंने स्वदेशी सुरक्षा अभियान को समर्थन दिया,बाइट भी देंगे
भारत गत १७-१८ वर्षों से चीन द्वारा उस पर थोपे व्यापार युद्ध, सीमा सुरक्षा युद्ध व वैश्विक राजनीति युद्ध से त्रस्त रहा है! चीन लगातार उसमें भारत पर हावी रहा है! प्रति वर्ष लाखों करोड़ रूपये व हमारे रोज़गार व्यापार युद्ध में हमसे लेता रहा है! सीमा पर वर्ष में २५०-३०० बार घुसपैठ कर व पाकिस्तानी आतंकियों व सेना का समर्थन कर हमारी सेना पर कठिनाइयों की झड़ी लगा रखी है, व विश्व मंच पर जहाँ भी भारत को उभरना होता है जैसे NSG की सदस्यता हो या सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता वहाँ वहाँ चीन अड़गाँ लगाता रहा है! किन्तु गत १-१.५ साल से भारत की जनता व सरकार के प्रयास रंग लाने लगे हैं ! भारत अब विजय पथ पर तेज़ी से बढ़ने लगा है!
व्यापार युद्ध…2020 तक भारत चीन व्यापार के 100 बिलियन डालर तक पहुँचने का लक्ष्य तो जनता के प्रयासों से विफल हो ही गया है पहली बार यह .7 बिलियन डालर घटकर (71.2)रह गया है,उसमें भी हमारे निर्यात बढ़ने से घाटा भी घटना शुरू हो गया है ! भारत में प्रबल जनजागरण को देखते हुए 93 वस्तुओं पर भारी antydumping ड्यूटी (टैक्स)लगा दी गई है, 40अन्य पर कार्यवाही शुरू हो गई है, मोबाईल, सोलर व ऐलईडी को छोड़ अधिकांश में भारत चीन का आयात तेज़ी से घटा रहा है,चीन की विकासदर तेज़ी से कम(6%)व भारत की बढ़ने(7.5%) लगी है…..
सीमा सुरक्षा युद्ध: डोकलाम पर भारत के कड़े रूख ने चीन को पहली बार बैकफ़ुट पर लाया है, हमने आगे बढ़कर (भूटान सीमा में जाकर) चीन को रोका है यह ऐतिहास में पहली बार हुआ है! पाकिस्तानी सीमा पर भी हमारा दबदबा बढ़. गया है,
वैश्विक राजनीति युद्ध: अमेरिका से लेकर आस्ट्रेलिया तक श्रीलंका से लेकर वियतनाम तक सब देशों से मज़बूत संबंध बना भारत ने चीन की घेराबंदी कर दी है, भारत का रूतबा बढ़ने से चीन की परेशानियाँ बढ़ने लगी हैं!
हम विजय की और बढ़ते जा रहे…