कश्मीरी लाल जी बोलते हुए, मंच पर डा:अश्वनी जी व अन्य।
वैसे सैन्ट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी अशोक ऐमा, अपने भगवती जी वीसी गौतम बुद्धा, स्किल के वीसी राजनेहरू सहित देश भर से इन्डस्ट्री, ऐकेडमिया व सरकार के प्रतिनिधि आए।
कल नोयडा के प्रख्यात शिक्षा संस्थान IILM में रोजगार व स्किल पर गोष्ठी थी! अनेक वक्ता केवल इन्डस्ट्री की बात कर रहे थे!
तब मैने बीच के अनौपचारिक समय में कुछ विद्वानों से बात की तो वे बोले की कृषि का दुनिया के किसी देश में बड़ा योगदान नहीं हुआ। अत:हमें भी केवल इन्डस्ट्री व नई टैक्नोलोजी पर ध्यान देना चाहिए।
मैने कहा वह तो गत अनेक वर्षों से हम कर ही रहे हैं। तो क्या रोजगार की समस्या का हल निकला?
तब डा:अश्वनी महाजन व मैने इसी विषय पर अपनी बारी आने पर बोलने का तय किया। डा:अश्वनी महाजन ने तो आकंड़ो सहित विश्लेषण रखा ही। मैंने बोलते हुए कहा “जैसे अमेरिका की ताकत है Research n development IT, IPR जापान ने कमाया automobile व electronics के बल पर चीन की ताकत बनी low cost manufacturing खाड़ी देशों की ताकत तेल है तो भारत की ताकत कृषि व स्वास्थय सेवाएं हो सकता है।क्योंकि भारत के पास दुनिया की सर्वाधिक उपजाऊ भूमि है।
फिर भारत दुनिया में सस्ती दवाईयों वाले देश के नाते जाना जाता है।उपर से योग भी दुनिया में 90अरब डालर की मार्किट हो गया है।हमारे ध्यान न देने के कारण इसमें भी सर्वाधिक अमेरिका कमा रहा है। दुनिया भर में योग शिक्षकों की बड़ी मांग है।जैसे IT(comp.)वाले हमारे लड़के लड़कियां अमेरिका सहित दुनिया में छाये हैं ऐसे ही योग ट्रेनर भी छा सकते हैं।
अत:कृषि व योग,स्वास्थ्य सेवाएं,हमारी बड़ी आवश्यकता रोजगार को बढ़ाने में बहुत मददगार हो सकते हैं।
बाद में अनेक प्रोफेसर मुझे मिले व कहने लगे “यह नया आईडिया है, हमनें पहले ऐसे सोचा नहीं।