पूज्य सरसंघचालक मोहन जी भागवत श्रद्धांजलि लिखते हुए, व स्वदेशी मेले का उदघाटन करते अटल जी
अटल स्वयंसेवक,प्रचारक: ग्वालियर में किशोर अवस्था में ही संघ(RSS) के स्वयंसेवक बने,बाद में स्नात्तकोतर के बाद पूर्णकालिक प्रचारक
अटल राजनेता: 1951 में जनसंघ के संस्थापक सदस्य से राजनीति शुरू हारे भी, जीते भी…सांसद से प्रधानमंत्री तक,पहले गैर कांग्रेसी जो 5 वर्ष से अधिक पद पर रहे!.
अटल संघर्ष: सड़क से संसद तक जीवन भर अनेक बार जेलयात्रा, आपातकाल में 22 मास जेल
अटल कवि: लता मंगेशकर से लेकर जगजीतसिंह तक सबने गाईं कविताएं…हिन्दू तन मन…ठन गई मौत से…बहू चर्चित
अटल निरणय:जब 1998 में प्धानमंत्री बनते ही परमाणु विस्फोट का ऐतिहासिक निरणय किया…शीश नहीं झुकने देंगे…कविता साकार की
अटल अजातशत्रु: सभी दलों में मित्रता…बाबरी ढांचे के ध्वस्त होने पर कांग्रेस द्वारा संघ पर प्रतिबंध व चार भाजपा सरकारें गिराने के बाद भी संतुलन न खोते हुए कांग्रेस को संसद में लताड़ा बहुत पर संवाद भी बनाए रखा
अटल राष्ट्रीयता:संयुक्त राष्ट्र ऐसैम्बली में हिन्दी में भाषण, कश्मीर पर वहां भारत सरकार के प्रवक्ता(थे विपक्ष में)बने! कारगील युद्ध का निर्णय व देश को विजयी कराया
अटल स्वदेशी: दिल्ली,मुंबई व चैन्नै के स्वदेशी मेलों में प्रधानमंत्री रहते हुए भी
रहे!
एक प्रसंग:मै सातवीं में पढ़ता था जब वे पहली बार 1977 में चुनावी रैली के लिए अटलजी पानीपत आए!4 घंटे देरी से आए तो आते ही बोले “देर से आए पर दूर से आए” फिर क्योंकि सवेरे बारिश होकर हटी थी तो बोले “सोचा था पानीपत में बड़ापानी मिलेगा पर यहां बड़ा तो क्या पीने का पानी भी नहीं मिला सीधे स्टेज पर चडा दिया है! सारे श्रोता खिलखिलाकर हंस पड़े और देरी से हुई सारी थकावट एक पल में ही उतर गई!
~सतीश…’स्वदेशी-चिट्ठी’