संयोग से कल जब मैं आईएएस टॉपर्स की लिस्ट देख रहा था,तो मेरे ध्यान में आई,नौवें स्थान पर आई दिल्ली की कानून की विद्यार्थी 23 वर्षीय सौम्या शर्मा!
उसके बारे में देख पढ़कर ना केवल दंग रह गया,बल्कि इतना प्रभावित हुआ कि मुझे लगा कि स्वदेशी चिट्ठी में लिखने में काफी देर की!
यह बहन केवल 23 वर्ष की है!इसने पहली बार ही में प्रतिष्ठित IAS का परीक्षा,ना केवल पास की,बल्कि नौवें स्थान पर भी रही!और आपको जानकर यह बहुत आश्चर्य होगा कि वह कान से उसको सुनना थोड़ा कठिन जाता है!
पहले प्रयास में ही उसने यह बड़ी परीक्षा पास की! जबकि इसके लिए कुछ लोग तो 10-15 साल लगा देते हैं!
भगवान ने उसकी परीक्षा भी खूब ली!उसको परीक्षा के दिनों से पूर्व तेज बुखार रहने लगा!माता पिता डॉक्टर हैं! उन्होंने उसे ड्रिप लगा दी!दिन में तीन बार ड्रिप लगती रही! हालात यहां तक भी हुए की परीक्षा के दौरान भी उसको लंच ब्रेक में ड्रिप लगाई गई!
किंतु जो हिम्मत करते हैं,जिनकी एकाग्रता होती है,उसकी सफलता का द्वार कोई बंद नहीं कर सकता!यह सिद्ध किया सौम्या शर्मा ने!इतनी सब कठिनाइयोंं के बाद भी उसने नौवें स्थान पर रहकर यह परीक्षा उत्तीर्ण की,बडी बात है,उसने कोई भी कोचिंग नहीं ली!जबकि…
हम सब जानते हैं कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए लाखों रुपए विद्यार्थी खर्च करते हैं,कोचिंग पर ही केवल!
एक ही शब्द सौम्या के लिए निकलता है,अभिनंदन! अभिनंदन!अभिनंदन!
मनुष्य तू बड़ा महान है…
तू जो चाहे पर्वत, पहाड़ों को तोड़ दे!
तू जो चाहे नदियों के मुख को भी मोड़ दे!
तू जो चाहे माटी से अमृत निचोड़ दे।
अमर तेरे प्राण,मिला तुझको वरदान,
तेरी आत्मा में स्वयं भगवान है रे,
मनुष्य तू बड़ा महान है…