धर्मवीर कंबोज, प्रगत कृषक सुरेन्द्र सिहं चीमा के साथ!
मैं आज रादौर(हरियाणा)में स्वदेशी जागरण मंच की तरफ से आयोजित किसान सम्मेलन में पहुंचा!
वहां अध्यक्षता करने के लिए दामला गांव के धर्मवीर कंबोज आए!उन्होंने अपनी सक्सेस स्टोरी सुनाई तो सुनकर सब हैरान रह गए!
उन्होंने दिल्ली में रिक्शा चलाकर, जीवन यापन शुरू किया! फिर 2 एकड़ की अपनी जमीन में एलोवेरा और लहसुन आदि की खेती की!उन्होंने आनलाइन साइट पर उनकी पैक्ड बिक्री का प्रबंध किया!
उससे उन्होंने गांव की महिलाओं को रोजगार भी दिया और स्वयं भी कमाई का बड़ा साधन खोल लिया!
वहां पर मौजूद बाकी के किसान भी यह सब सुनकर काफी प्रेरित हुए। धर्मवीर कंबोज को राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है!
आजकल राजनीतिक दल किसानों के कर्ज माफ करके वोट बटोर रहे हैं! किंतु यह किसान की समस्या का स्थाई हल नहीं,केवल फौरी राहत है!स्थाई हल तो उसकी अपनी आय नियमित रूप से बड़े,इसमें है!
वास्तव में अगर हमारे किसान मूल्य संवर्धन करना सीख लें,थोड़ा मार्केटिंग करना सीख लें और शून्य बजट नेचुरल फार्मेिगं से अपनी फसल का खर्चा कम कर लें, तो उनकी आय का तेजी से बढ़ने में किसी की सहायता की जरूरत ही नहीं रहेगी!