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दिल्ली में सम्पर्क अभियान संबोधित करते कश्मीरी लाल जी। जम्मू में सेवा भारती के क्षेत्र संगठनमंत्री दादा जयदेव, विद्या भारती के प्रांत संगठन मंत्री प्रदीप जी व प्रचारक श्री भगवान जी के साथ गपशप का समय 

4 दिन पूर्व जब मैं जम्मू गया तो वहां पर अपने सेवा भारती के पुराने प्रचारक जयदेव जी (दादा) व विद्या भारती के प्रदीप जी से मिलना हुआ।
मैंने पूछा “हमारे जम्मू- कश्मीर में एकल विद्यालय कितने चलते होंगे?”
तो उनका उत्तर सुनकर में हैरान रह गया “लद्दाख व कश्मीर सहित कुल 4000 एकल विद्यालय चलते हैं। स्वभाविक है अगर 25 का भी मध्यमान लगाएं तो एक लाख बच्चा, सेवा भारती, विद्या भारती के इन केंद्रों में पढ़ाई के साथ-साथ भारत की अर्चना पूजा करने का अभ्यास भी करता है।”
एक पुराना प्रसंग मुझे याद आया, जब मैं जम्मू कश्मीर में प्रचारक था। डोडा जिले में एक स्थान पर एक ऐसे ही केंद्र की दीदी ने बच्चों की वर्ष प्रतिपदा पर शोभायात्रा निकाली तो बच्चों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा दिए।”
पूरी तरह मुस्लिम इलाका था। गांव के कुछ कट्टरपंथियों ने पंचायत करके उस केंद्र को बंद करने के लिए उस दीदी से कहा।
लेकिन दीदी ने कहा कि “अगर भारत माता की जय का नारा नहीं लगेगा तो यह केंद्र भी बंद हो जाएगा। और बच्चों की पढ़ाई भी खत्म हो जाएगी।”
फिर एक समझौता हुआ “ठीक है,केंद्र तो चले भारत माता का चित्र भी लगे पर बाहर खुलेआम नारे नहीं लगाएंगे।”
इसका समाचार जब वहां की सेना के कर्नल को पता चला तो वह 4 दिन बाद किश्तवाड़ में जाकर हमारे विद्या मंदिर के प्रिंसिपल को कहने लगा “सेल्यूट सर! जिस इलाके में आतंकियों की खबरों के अलावा कुछ नहीं सुनाई देता,वहां पर आप के केंद्र के बच्चों के द्वारा लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे हमारे जवानों का भी उत्साह बढ़ा देते हैं।”
अतः इन 4000 केंद्रों पर बच्चों की प्राथमिक पढ़ाई के अलावा भारत देश की अखंडता,राष्ट्रीयता का विचार संस्कार भी दिया जा रहा है।
यही है वास्तविक साधना….
साधना,नित्य साधना…
साधना,अखंड साधना..!