आज गणतंत्र दिवस पर सोनीपत के खानपुर में फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में बतौर मुख्यातिथि रहना हुआ! बहुत ही उत्तम व देश भक्ति से भरा हुआ दृश्य!बाद में रोजगार केंद्रित स्वदेशी विकास मॉडल पर गोष्टी हुई तो संपूर्ण सभागृह उल्लास,आशा और विश्वास से भर उठा.
1992 की एक दोपहर पंचकुला बस अड्डे पर जींद का 19 वर्षीय स्वयंसेवक जैसे ही मैने देखा तो मेने पूछा “अरे राजेश,यहां कहां घूम रहे हो, क्या कर रहे हो आजकल ?” “कुछ काम देख रहा हूं!यहां चाचा के पास आया हूँ।” उसके उत्तर देने पर मै बोला “काम तो बाद में कर लेना,उसके लिए तो जिंदगी पड़ी है,पहले 1साल संघ कार्य में लगा लो” और राजेश अगले दिन कुरुक्षेत्र मेरे पास पहुंच गया!वह शाहबाद में कोई 11महीने तक विस्तारक रहा!सामान्य परिवार से निकला,केवल 11 कक्षा तक पढ़ा हुआ! राजेश ने इसके बाद कुछ अपना काम करने की सोची।मेहनत,बुद्धि व रिस्क लेने की हिम्मत यही थी उसकी डिग्री!!कुछ भी अपने पास पैसा,संपत्ति ना होते हुए भी उसने छोटे-मोटे काम तो किए पर कुछ सफलता नहीं मिली!
तो दिल्ली में एक प्रॉपर्टी डीलर के पास काम किया!फिर एक दूसरे के पास थोड़ा हिस्सा डाल लिया! कुछ ठीक चल निकला तो अपना अलग से काम शुरू किया!2005-6 में प्रॉपर्टी में बड़ा उठाव आया!सितारा इस कदर चमका कि 2008 तक वह लगभग 50 करोड़ की संपत्ति का मालिक बन गया!किंतु भाग्य ने पलटा खाया,वैश्विक मंदी व अन्य कारण से बहुत बड़ा नुकसान हुआ!और उसे सब छोड़कर वापस पंचकूला आना पड़ा!भाई और परिवार की मदद से फिर से काम शुरू किया,टाइलों का!
3 वर्ष पहले वह फिर एक दिन मेरे से आ मिला! बडी खुली चर्चा हुई!इससे उसको विचार सुझा! Big Idea-‘सोशल मीडिया को हिंदुत्व के प्रचार व आर्थिक उपार्जन दोनों का साधन बनाया जा सकता है’….और उसने hindutava.info नाम से काम शुरू कर दिया…पक्के धुनि व मेहनती राजेश को शुरू में कुछ कठिनाईयां भी आईं पर आज उसके पास 20 लोग काम कर रहे हैं।वर्ष में कोई दो करोड़ रुपए तक का काम हो गया है। इसका श्रेय वह अपने संगठन व प्रचारकों को देता है।स्वदेशी का कार्यकर्ता है। अगर आदमी में कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति हो,तो सफलता…
 जय हिन्द!!