स्टेडियम में उसी कुश्ती की प्रक्रिया को शुरू होते हुए देखते हुए, सांसद बृज किशोर, भगवती प्रकाश जी व अन्य
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए।
परसों, मेरा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में जाना हुआ। वहां आजकल अपने प्रोफेसर भगवती प्रकाश जी, वाइस चांसलर हैं।कुछ विषयों को लेकर वहां एक छोटी बैठक थी।
किंतु वहां पर एक राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता होने वाली थी,जिसमें उन्हें जाना था। तो वह आग्रह पूर्वक मुझे भी साथ ले गए।
वहां का भव्य स्टेडियम और कुश्ती की प्रक्रिया जब देखी तो मैंने कुश्ती संघ के सचिव सांसद बृज किशोर जी से बातचीत की, पूछा “इस बड़े आयोजन पर कितना खर्च हुआ होगा?”
तो उन्होंने जो बताया तो मैं सुनकर दंग रह गया। उन्होंने कहा “जो देशभर का चैंपियन बनेगा,पहला इनाम 1करोड़ रुपए का है फिर 60 लाख 50 लाख वाले भी हैं। कुल मिलाकर इस आयोजन का खर्च ₹25करोड़ है।”
तब मैंने हिसाब लगाया कि इस प्रकार के खेलों से अर्थ चक्र भी चलता है, रोजगार भी बढ़ता है।
यह बात तो पहले भी आ चुकी है कि अकेले योग ही दुनियाभर में 100 बिलियन डॉलर की मार्केट हो गया है।
यदि भारत योग,कुश्ती व अन्य खेलों में तेजी से अपने युवाओं को बढ़ाएं तो यह स्वस्थ मनोरंजन के साथ साथ कमाई व रोजगार का सृजन करने की क्षमता भी रखते हैं।