अमृतसर में आज पंजाब प्रांत का स्वदेशी सम्मेलन हुआ!जिसमें कश्मीरी लाल जी का प्रमुख मार्गदर्शन हुआ! नामधारी संत भी आए! फिर भिवानी में चल रहे स्वदेशी मेले में दिव्यांग विद्यालय के स्टाल पर जाकर आनंद व प्रेरणा दोनों मिले!
आज अमृतसर में कश्मीरी लाल जी व मैं प्रांत सम्मेलन हेतू पहूंचे!
रोजगार स्वदेशी का इस वर्ष का एक प्रमुख विषय है ही! दो दिन पूर्व मैने टाइम्स आफ इन्डिया में दो विस्तृत रिपोर्ट पढ़ीं! भारत में ई रिक्शा जानते हैं,कितनी चल रही हैं…आजकल? 15लाख!! दुनिया में सर्वाधिक! इतना ही नहीं,हर महीने 11000नई ई-रिक्शा बाजार में आ रही हैं! 9% की वार्षिक वृद्धि 2021तक चलेगी! अर्थात इससे लाखों गरीब लोगों को भी ठीक सा रोजगार भी मिल रहा है! पर्यावरण को भी नुकसान नहीं!….
अनिल कुमार जो दिल्ली में ई-रिक्शा चला रहा है,बिहार के सासाराम का रहने वाला हैं!उसने बताया “मै कई साल से यहां चेन रिक्शा चलाता था!पर गत डेड वर्ष पूर्व मैने ई-रिक्शा ले लिया! उससे मेरी इन्कम दोगुणा हो गई है!थकावट बहुत कम होती है!अभी गांव से छोटे भाई को भी बुला लिया है!उसको मैने पुराना ईरिक्शा देकर आप नया ई-रिक्शा ले लिया है! बैंक से थोड़ा लोन लेकर काम बन गया! हम दोनों भाई मिलकर अब ठीकठाक कमाई कर रहे हैं ! अपने गांव भी मासिक रूप से अच्छी रकम भेज रहे हैं!”
दूसरी क्रान्ति स्टार्टअप की है! गत एक वर्ष में इसमें 30,000करोड़ की जबर्दस्त इन्वैस्टमैंट हुई है! गत वर्ष से इसमें 120% की वृद्धि है!यह भी दुनिया में वृद्धिदर के हिसाब से सर्वाधिक है! इनके कारण से ही 1.6 से 1.7लाख लोगों को सीधे रोजगार मिला है,अप्रत्यक्ष तो और भी अधिक होगा! दिल्ली में इस बार स्वदेशी मेले में भी ३दिवसीय स्टार्टअप अनुभव कार्यशालाएं हुईं!
दिल्ली हरियाणा में चौपाल(स्वदेशी फाउंडेशन) के माध्यम से हजारों लोगों को ईरिक्शा दी गई है! अपने कमलजीत जी संगठक विशेष रूप से इन दो विषयों(ईरिक्शा व स्टार्टअप) पर विशेष रूचि लेकर प्रयासरत हैं!