कश्मीरी लाल जी पंजाब के दौरे पर व दिल्ली कार्यालय पर हम सबकी चिंता करने वाले हमारे बलराज जी
अंडर-19 क्रिकेट में,कल भारतीय लड़कों ने पाकिस्तान को 203 रनों से करारी हार दी!अभी 12 दिन पहले प्रज्ञाचक्षु (अंध) की हुई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भी भारत ने पाकिस्तान को हराया! उससे पहले हमारी लड़कियों ने हराया! क्रिकेट हो या हॉकी अधिकांश मैचों में विशेषकर अंतरराष्ट्रीय में पाकिस्तान हारता ही है,भारत जीतता ही है!क्यों?इसका एक कारण है पाकिस्तान की नकारात्मकता और हीन ग्रंथि!
व्यक्ति हो या समाज या देश यदि उसमें नकारात्मकता हो तो वह कहीं पर भी सफल नहीं हो सकता केवल क्रिकेट या खेल के मामले में ही नहीं,एक देश के नाते से,एक आर्थिक शक्ति के नाते से आंतरिक सरकार,सेना व समाज के रिश्ते के नाते से सब मोर्चों पर बुरी तरह से विफल है पाकिस्तान!भारत इस समय पर दुनिया की पांचवीं शक्ति बन रहा है और वहीं पर ही हमारा ही हिस्सा टूटकर अलग हुआ पाकिस्तान आज कभी अमेरिका की गुलामी सहन करता है,वहां से ठोकर खाता है तो चीन की शरण में जाता है!
सवाल यह नहीं है कि पाकिस्तान के पास थोड़ी जमीन है,थोड़े रिसोर्सेज हैं,छोटा देश है!छोटे तो जापान,कोरिया,इंडोनेशिया व इजरायल भी हैं!किंतु वे सकारात्मक विचारों से उत्पन्न हुए देश हैं!पाकिस्तान का निर्माण केवल भारत विरोध और निषेध में से ही हुआ है!बीबीसी के वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली ने एक बार पाकिस्तान का पूर्ण सर्वे करने के बाद कहा था कि पाकिस्तान का दूसरा नाम है ‘नॉट इंडिया’!
1971 में सकारात्मक सोच से बना उसी का हिस्सा बंगलादेश भी आज प्रगति के पथ पर है!वह इस्लामिक कट्टरवाद को समाप्त करने पर लगा है!आर्थिक रूप से सशक्त होने में लगा है!इसलिए व्यक्तियों को,समाजों को सदा नकारात्मकता व हीन ग्रंथियों से दूर रहना चाहिए!तभी वह व्यक्ति संगठन,समाज या देश प्रगति कर सकते हैं!