May be an image of 2 people, people standing, outerwear and monument
स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल जी के साथ
आज प्रवास में हम दोनों गुजरात के केवड़िया में स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति, स्टेचू ऑफ यूनिटी देखने के लिए पहुंचे। वहां लगभग 3 घंटे हम रहे।
कश्मीरी लाल जी व मैं चर्चा कर रहे थे “यह तो सबको दिखता है कि यह विश्व की अभी तक की सबसे बड़ी प्रतिमा है, किंतु इसका विचार,योजना,रचना करने वाले भी तो कम नहीं। और फिर केवल 3 वर्ष 6 महीने में इतने बड़े प्रकल्प को पूरा कर दिखाना?गज़ब!”
“देश के हजारों गांवों से लोहा एकत्र करना, संपूर्ण देश में उनके व्यक्तित्व की चर्चा करवा लेना भी बड़ी उपलब्धि है।
इतना ही नहीं इसके कारण से संपूर्ण क्षेत्र के लोगों का आर्थिक व रोजगार का दृश्य बदल गया है। क्योंकि यह अहमदाबाद से लगभग 280 किलोमीटर दूर है इसलिए यहां जमीन का भाव 40 ₹50000 एकड़ से अधिक नहीं था।जो अब लाखों में है। हजारों लोगों को रोजगार मिला है।और सरकार की भी आमदनी हुई है।आजकल भी 7 से 8000 पर्यटक प्रति दिन आते हैं। 380₹ का एक व्यक्ति का टिकट है। क्षेत्र का जबरदस्त विकास हुआ है।
विकास,रोजगार पर्यटन को इस तरह गति देने का यह विचार भी इस महान मूर्ति से छोटा तो नहीं है!हर प्रदेश में ऐसे प्रकल्प हो तो बात बन जाये।
जय स्वदेशी…जय भारत!~सतीश कुमार