इंग्लैंड को सबक सिखाओ!
रस्सी जल गई पर ऐंठन न गई। यही कहावत इंग्लैंड पर सिद्ध होती है।विश्व की बड़ी हस्तियों में रहा, इंग्लैंड अब कमजोर देश हो चुका है।उसकी इकोनामी 2.8 ट्रिलियन डॉलर के साथ भारत से पीछे हो गई है।न कोई बड़ी सेना है न वैश्विक रुतबा। किंतु अभी उन अंग्रेजों के दिल दिमाग पर बादशाहत छाई है।
3 दिन पूर्व जारी वहां के एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि भारत से(कुछ अन्य देश भी) आए हुए लोगों को लगी हुई भारतीय वैक्सीन जो एस्ट्राजनिका के फार्मूले से चाहे(भारत में) बनी है,वे नहीं मानते और भारत से आने वालों को 10 दिन क्वॉरेंटाइन होना होगा। जबकि अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने लंदन जाना था। किंतु उन्होंने इंग्लैंड के इस आदेश को नसलवादी व भेदभाव पूर्ण कहते हुए इंग्लैंड दौरा रद्द कर दिया है। बिल्कुल ठीक किया।
बाकी लोगों को भी चाहे सोशल मीडिया के माध्यम से या अन्य तरीके से इंग्लैंड की लानत मलानत करनी चाहिए। उसे सबक सिखाना चाहिए।
उन्हें ध्यान कराना होगा की वे अब दुनिया के बादशाह नहीं दुनिया की एक मामूली हस्ती हैं।जो भारत से 45 ट्रिलियन डॉलर चुरा कर ले गए हैं।यह इंग्लैंड किसी चोर लुटेरे से कम देश नहीं है।इसका असर होगा और यह चोर भारत के आगे जल्द समर्पण करेगा। भारत में इसका विरोध होना शुरू हो भी गया है~ सतीश कुमार
नीचे: स्वदेशी जागरण मंच की संपन्न हुई कार्यसमिति बैठक दिल्ली के चित्र।