ऐलॉन मस्क को भारत बुलाने की जल्दी क्या है?
आज सवेरे ही मैंने तेलगांना और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों का बयान पढ़ा “ऐलॉन मस्क हमारे प्रान्त में फैक्ट्री लगाएं, हम सब सुविधाएं देंगे।”
यह बयान न तो देश के हित में है, न ही व्यावहारिक है। क्योंकि अमेरिका के इस शीर्ष उद्योगपति ने लगभग दो वर्ष से भारत की विशाल मार्किट पर नज़र गड़ा रखी है। और वह अपने व अमेरिकी सरकार के प्रभाव का दुरुपयोग कर भारत में प्रवेश चाहता है।
अपनी कंपनी टेस्ला,को कार क्षेत्र में और स्टारलिंक को दूरसंचार क्षेत्र में उतारना चाहता है।और उस पर भी तुर्रा यह की वह अपनी कारों को आयात करने के लिए आयात शुल्क में भारी कमी चाहता है। लेकिन भारत सरकार ने किसी दबाव में न आते हुए, किसी भी प्रकार की कोई रियायत देने से इनकार कर दिया है।इससे वह छटपटा कर उल्टे सीधे ट्वीट कर रहा है।उसने चोरी छिपे स्टारलिंक के आवेदन भरवाने शुरू किए तो सरकार ने कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दे दी।जिससे डरकर उसने वापिस हाथ खींचे।
अब इन मुख्यमंत्रियों को समझना चाहिए कि वे मस्क को न्यौता देकर न केवल देश का अपमान करा रहे है, बल्कि इन दो क्षेत्रों (कार निर्माण व दूरसंचार क्षेत्र) में पहले से ही दुनिया में धाक जमाए भारतीय उद्योगों को बर्बाद करना चाहते है।
अब भारत 1980-90 का भारत नहीं रहा।अब हमें विदेशी कंपनियों की जरूरत नहीं, बल्कि उन्हें भारत की विशाल मार्किट की जरूरत है। अब हम अपनी शर्तों पर बात करेंगे न कि इन मुख्यमंत्रीयों की समर्पण शैली से। अब भारत बढ़ी महाशक्ति बन रहा है,अब हम इलॉन मॉस्कों और जेफ़ बेज़ोसो(अमेजान) से डील करना जानते है।
जय स्वदेशी ! जय भारत !