बढ़ रहे हैं चरण अगणित, धेय्य के पथ पर निरंतर!
आज कश्मीरी लाल जी, गुलबर्गा (कर्नाटक) में है। वहां के फोटो आए हैं।
मैं गोरक्ष प्रांत की तरंग बैठक लेकर हटा हूं।भगवती जी, अश्वनी जी,जितेंद्र जी, अर्चना जी, अनिल जी सब के समाचार आ रहे हैं।वहां बैठक, वहां अभ्यास वर्ग, वहां प्रवास आदि आदि…।
सब तरफ रोजगार सृजन का महाअभियान #स्वावलंबीभारत अभियान चल पड़ा है। भारत के सभी 45 प्रांतों में,500 से अधिक जिलों में, 11 संगठनों की बड़ी टीमें दिन रात काम में लगी हैं। स्वदेशी और बाकी सब संगठनों ने शायद ही कभी ऐसा व्यापक अभियान प्रारंभ किया होगा।
डॉ कृष्ण गोपाल जी, सुरेंद्रन जी,दिनेशजी व अन्य अधिकारी तो बीच-बीच में पूछताछ करते ही हैं।
कुल मिलाकर सारी टीम को विश्वास है कि अगले दो-तीन वर्षों में हम इस बेरोजगारी की समस्या पर काबू पा लेंगे। और भारत के युवाओं को उद्यमिता, कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, एफपीओ, स्टार्टअप्स आदि आदि के माध्यम से हम रोजगार युक्त कर लेंगे। क्योंकि “नौकरियां सीमित होती हैं…रोजगार असीमित होता है।”
कार्यकर्ताओं के परिश्रम को देखकर लगता है भारत की बात बन जाएगी।~सतीश कुमार
नीचे: शुभारंभ.. दिल्ली स्वदेशी कार्यालय पर एक विशाल ग्रन्थालय व शोध केंद्र जिसमें प्राचीन भारतीय वांग्मय पर अध्ययन होगा, प्रारम्भ हो रहा है।हाई कोर्ट से निवृत्त जस्टिस एस एन ढींगरा जी द्वारा यह मंगल कार्य सम्पन्न होगा।गत दिनों वे इस विषय पर हुए अनुबंध के समय स्वदेशी की राष्ट्रीय टोली के साथ।