आज कश्मीरी लाल जी और मैं भारत के नवनियुक्त इकोनामिक एडवाइजर अनंत नागेश्वरन जी से मिले। वह पहले भी स्वदेशी के एक कार्यक्रम में ऑनलाइन भाषण कर चुके हैं।अभी सिंगापुर में व आंध्र के एक बिजनेस स्कूल में भी प्रोफेसर थे।
जब चर्चा निकली कि भारत को कैसे 100% रोजगार युक्त व 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था 2030 तक बनाया जा सकता है? तो उन्होंने खुलकर अपने विचार रखे।
सबसे बड़ी बात यह थी कि वह अपने तर्कों के समर्थन में बीच-बीच में गीता के श्लोक दोहरा रहे थे। उसी बातचीत में उन्होंने बताया कि सिंगापुर में 50 मंदिर हैं और वह शिव के नियमित भक्त हैं।बड़ी बात थी की उनकी आर्थिक विषयों पर सोच ऐसी लग रही थी जैसे अपने स्वदेशी के किसी वरिष्ठ कार्यकर्ता की होती है। इससे हम निश्चिंत हुए।
मुझे याद आया जब दूसरे आर्थिक सलाहकार संजीव सानयाल व विवेक देवराय से मिले थे, तब भी उनके बारे में हमारी कुछ ऐसी ही धारणा बनी थी। यानी स्वदेशी अब सरकार के शीर्ष अफसरों में भी प्रभावी विचार बनने लगा है।जय स्वदेशी जय भारत।
नीचे:गत दिनों स्वदेशी शोध संस्थान के लिए एक बड़ा सहयोग आया उसे स्वीकार करते हुए कश्मीरी लाल जी डॉ अश्विनी महाजन जी के साथ। और भारत के प्रमुख अर्थशास्त्री विवेक देबराय।