शाबास!ऐसे स्वदेशी कार्यकर्ताओं को!
मैं कल रात ऋषिकेश पहुंचा। आज प्रातः काल से नई टिहरी में उत्तराखंड का विचार वर्ग प्रारंभ होना था। मैं हैरान था,क्योंकि रात ही मेरे को बताया गया की सड़कें टूटी हैं, बारिश हो रही है, भूस्खलन हो रहे हैं।
मुझे भी शंका हुई।मैंने पूछा “क्या वास्तव में वर्ग है, या स्थगित कर रहे हैं?”
क्षेत्र संयोजक राजीव जी बोले “नहीं सतीश जी! स्वदेशी का वर्ग है जो भी हो,बाकी सब लोग भी तो काम कर रहे हैं हम अपना विचार वर्ग क्यों स्थगित करें? ईश्वरीय काम है, ठीक ही रहेगा।”
और वास्तव में जब हम सवेरे चले तो कम से कम तीन स्थान पर बहुत कठिनाई रही।एक स्थान पर तो पूरी सड़क ही बह गई थी।किंतु कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं बहा।
उधर समाचार आया वर्ग में आ रहे अल्मोड़ा के 5 कार्यकर्ताओं की कार का एक्सीडेंट हो गया है।तीन को गंभीर चोटें आई 2 को सामान्य। उसकी भी व्यवस्था कर रहे थे कि इधर सूचना आई कि मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम जो वैसे दूरी पर तय था पर बारिश के कारण वर्ग के स्थान (मैदान)पर ही बदलना पड़ा है, तो कार्यकर्ताओं को तुरंत विचार वर्ग स्थान बदलकर संघ कार्यालय का हाल करना पड़ा।
किंतु कार्यकर्ताओं का जोश ज्यों का त्यों! मैं चिंतन कर रहा था, ‘यह स्वदेशी का कार्य यूं ही नहीं बढ़ रहा’। कार्यकर्ताओं की सात्विकता, जोश व स्वदेशी के प्रति समर्पण यही है आधार~सतीश कुमार
नीचे:नई टिहरी उत्तराखंड के विचार वर्ग में प्रदीप जी,सुरेंद्र जी,राजीव जी व अन्य के साथ