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May be an image of 3 people and text that says ".ज.(पी.जी.) कॉलेज कुरुक्षेत्र, स्वदेशी स्वावलम्बन पानीपत विमर्श संयुक्त तत्वाधानमे न्यास एवं के मुख्य वक्ता: माननीय सतीश जी, राष्ट्रीय आत्मनिर्मर आयोजित अध्यक्षता आदरणीय प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलपति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, करुक्षेत्र हरियाणा सह- संगठक, स्वदेशी जागरण मंच प्रेरक आदरणीय श्री बलराम नन्दवानी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, स्वदेशी जागरण मच एस.डी. (पी.जी.) कॉलेज पानीपत दिनांक 30-01-2021 sว"

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पानीपत: एसडी पीजी कालेज में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, स्वदेशी स्वावलंबन न्यास एवं एसडी पीजी कालेज के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर हरियाणा विषय पर विमर्श का आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की। मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक श्रीमान सतीश जी व प्रेरक स्वदेशी जागरण मंच के कोषाध्यक्ष बलराम नंदवानी जी रहे। एसडी कालेज सोसाइटी के प्रधान पवन गोयल व प्राचार्य डा. अनुपम अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया।

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि नई शिक्षा नीति अंतिम परिणाम को पाने के सिद्धांत पर आधारित है। अभी तक की व्यावहारिक शिक्षा का उद्देश्य केवल मात्र ज्ञान सम्प्रेषण एवं डिग्री देना रहा है। नई शिक्षा नीति ज्ञान के साथ-साथ हुनर और रवैये को बदलने पर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ मूल्य और योग्यता होगी तो हमारे विद्यार्थियों को जीवन में सफलता पाने के नए और ज्यादा अवसर मिलेंगे। दूसरे देशों पर ज्यादा दिनों तक निर्भर नहीं रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान लोकल में वोकल का यही भाव है। हम कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों में लगभग 80 प्रतिशत सामान के लिए चीन पर निर्भर है, परंतु अब हमें स्वावलंबी बनना होगा।

कुलपति ने कहा कि कालेजों के प्राचार्यो और प्राध्यापकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थी जागरण का बीड़ा उठाए। उन्हें नौकरी और जीवन में स्थायित्व के अवसर कहां से मिल सकते है, इसके बारे में विद्यार्थियों से नियमित चर्चा करनी होगी। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर हरियाणा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कालेजों में नोडल कमेटियां एक सप्ताह के भीतर स्थापित की जाएंगी।

मुख्य वक्ता सतीश जी ने कहा कि स्वदेशी माडल ही आत्मनिर्भर भारत के लिए सबसे सटीक माडल है। अब हमें अन्य देशों पर अधिक निर्भर रहने की आदत से मुक्त होना होगा। आत्मनिर्भर भारत एक नया परिपेक्ष और एक नया इरादा है, जिसका सूत्रपात पीएम ने 12 मई 2020 को किया। उन्होंने कहा कि हमारा देश तेल, डिफेंस के उपकरण और फार्मा उद्योग में ज्यादातर दूसरे देशों पर निर्भर है, जिसके कारण न सिर्फ देश पर गैरजरूरी आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि इससे हमारा स्वाभिमान भी उनके हाथों में रहता है।

प्राचार्य डा. अनुपम अरोड़ा ने कुलपति की दूरदर्शी पहल की तारीफ करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया की कालेज इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु कोई कसर नहीं छोड़ेगा। कोविड-19 ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में भारत का विश्व को कोरोना वैक्सीन देना आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा और ठोस कदम है। आणविक, मिसाइल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष शक्तिवां भारत के पास सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा है, जिन्होंने अपनी मेहनत और बुद्धि का लोहा दुनियाभर में मनवाया है। सोसाइटी प्रधान पवन गोयल व प्राचार्य डा. अनुपम अरोड़ा ने अतिथियों को शाल व स्मृति चिह्न भेंट कर आभार जताया। इस मौके पर प्राचार्य डा. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य डा. अजय गर्ग, प्राचार्य डा. संजू अबरोल, प्राचार्य डा. ममता शर्मा, डा. शक्ति कुमार, प्रो. जोगिदर सिंह, डा. रवि कुमार, डा. सुमन दहिया, डा. राजपाल गांधी, डा. सरिता गोयल, प्रो. सुरेश जागलान, प्रो. केएस ढिल्लों, महेश थरेजा, डा. राजपाल कौशिक, डा. सुभाष मित्तल, डा. प्रेरणा डावर मौजूद रहे।