(Front row, left to right) Rajiv Bajaj, Rahul Bajaj and Sanjiv Bajaj (Back row, left to right) Madhur Bajaj, Niraj Bajaj and Shekhar Bajaj (Photographs by Rachit Goswami)

स्थापना
बजाज समूह भारत के सबसे सफल स्वदेशी उद्यमों में से एक है। एक ऐसा उद्यम जिसकी नींव भारत की स्वतंत्रता से पूर्व वर्ष 1926 में श्री जमना लाल बजाज के कर कमलों द्वारा रखी गई थी। श्री जमना लाल बजाज एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें महात्मा गांधी पुत्र मानते थे और श्री जमना लाल बजाज एक ऐसे व्यक्ति, जिनके मन में इतनी श्रद्धा कि जो बापू ने कहा दिया वह कार्य तो करना ही है।

इसका उदाहरण है वर्तमान में मुकंद लिमिटेड के नाम से स्थापित लोहा व इस्पात के क्षेत्र में कार्य करने वाला, लगभग 400 ग्रेड्स के विशेष प्रकार से निर्मित स्टील का उत्पादन एवम् अमेरिका, इटली, जर्मनी, नीदरलैंड्स, स्विटजरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, जापान, कोरिया, हांगकांग, ताइवान व वियतनाम जैसे देशों को निर्यात करने वाला उद्योग। तब इसका नाम मुकंद आयरन व स्टील मिल्स लिमिटेड हुआ करता था व अविभाजित भारत के लाहौर व बॉम्बे में इसकी फाउंड्री हुआ करती थी, केवल बापू के कहने से वर्ष 1939 में श्री जीवन लाल शाह के साथ मिलकर यह उद्योग खरीद लिया था, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कठिनाई क्यों न उठानी पड़ी हो।

About Jamnalal Bajaj | Jamnalal Bajaj Wardha | Jamnalal Bajaj ...

(श्री जमनालाल बजाज)

विकास यात्रा
स्वंतत्रता व स्वदेशी की अलख को मन में लिए वर्ष 1942, केवल 27 वर्ष की आयु में इस समूह का नेतृत्व संभाला श्री कमलनयन बजाज ने। पिता की भांति पुत्र भी न केवल गांधीवादी विचारों से युक्त थे अपितु एक और गांधीवादी श्री विनोबा भावे जी के भी प्रिय थे। उनके नेतृत्व में 29 नवम्बर 1945 को वर्तमान भारत  में दोपहिया व तिपहिया वाहनों के क्षेत्र में दूसरे पायदान पर खड़ी बजाज ऑटो लिमिटेड की स्थापना हुई यद्यपि इसका नाम तब बेचार्ज ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन था। प्रारम्भ में इस कम्पनी ने विदेशों से आयात करके दोपहिया व तिपहिया वाहन बेचने शुरू किए। परन्तु यह स्थिति ज्यादा दिन तक नहीं चल सकी क्योंकि श्री कमलनयन बजाज के मन में स्पष्ट संकल्प था कि स्वंतत्र भारत के विकास के लिए तो हमे स्वयं के उद्यम लगाने ही होंगे। इसी कड़ी में वर्ष 1959 में उन्होंने भारत सरकार से दोपहिया व तिपहिया वाहन निर्माण करने का लाइसेंस प्राप्त करके तथा इटालियन दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी पियाजियो के साथ अनुबंध करके भारत में वेस्पा नाम से बजाज का स्कूटर बनाने का कार्य शुरू किया। बाद में चेतक व प्रिया इसके दो अन्य लोकप्रिय ब्रांड बने। इसी बीच वर्ष 1960 में बजाज ऑटो एक लिमिटेड कम्पनी बन गई।

The Bajaj Group, one of top ten industrial houses of India | Indef

बजाज ऑटो का शुरू से ही मानना रहा है कि ग्राहकों को सदैव उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता आधारित उच्च सुरक्षा मानकों वाले व अच्छी सेवाएं देना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उत्पादकता, लागत व सुपुर्दगी पर ध्यान देना। इस कारण से बजाज का व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता रहा। श्री कमलनयन बजाज के नेतृत्व में इस समूह का विविधीकरण का कार्य भी बड़ी तेजी से हुआ। आज इस समूह में बजाज ऑटो लिमिटेड के अतिरिक्त बजाज होल्डिंग्स इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, बजाज फिनसर्व लिमिटेड, बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, बजाज फाइनेंस लिमिटेड, बजाज एलाइंस एंड फाइनेंसियल डिस्ट्रीब्यूटर्स लिमिटेड, बजाज इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, हिंद लैंप्स लिमिटेड  तथा मुकंद लिमिटेड जैसी 25 कंपनियां स्थापित शामिल हैं। यह कंपनियां बिजली  उत्पाद, स्टील निर्माण, जीवन बीमा व वित्तीय सिक्योरिटीज जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं।

वर्तमान स्थिति
बजाज समूह के वर्तमान चेयरमैन श्री राहुल बजाज ने समूह का कार्यभार वर्ष 1965 में संभाला था। बजाज का हेडक्वार्टर आज पुणे में स्थित है तथा चकन (पुणे), वालुज (निकट औरंगाबाद) व पंतनगर (उत्तराखंड) में बजाज ऑटो के कारखाने लगाए हुए है जिनसे न केवल भारत के लोगो के लिए वाहन बनाए जाते है बल्कि विश्व के 79 देशों को दोपहिया व तिपहिया वाहनों का निर्यात होता है। वर्ष 2019 में इसका कुल उत्पादन 63,30,000 इकाइयों तक पहुंच चुका है। हम सब टीवी पर ‘The world’s favourite Indian’ इस टैगलाइन के साथ बजाज दोपहिया व तिपहिया वाहनों का विज्ञापन तो देखते ही होंगे। इसी प्रकार बड़े शहरों में चलाने के लिए बजाज ने एक छोटी किन्तु कम ईंधन खर्च करने वाले चौपहिया वाहन का भी निर्माण भी किया है।

Bajaj Group - Official Website of Bajaj Group of Companies

इसी प्रकार उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली एक और कम्पनी है बजाज इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड। यह कंपनी बिजली के बल्ब, लैंप्स, पंखे, कूलर्स व रसोई के सहायक उपकरण इत्यादि सामान बनाती है। इसका वर्ष 2018-19 का वार्षिक विक्रय ₹6744 करोड़ था। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में स्थापित हिंद लैंप्स लिमिटेड फ्लोरोसेंट, लघु व अन्य प्रकार के लैंप्स बनाने का कार्य करती है। मुकुंद लिमिटेड स्टील बनाने व निर्यात करने का कार्य करती है। बजाज फिंसर्व लिमिटेड के माध्यम से उपभोक्ता उत्पादों के लिए ऋण देने का कार्य किया जाता है। इसी समय समूह की 25 कंपनियों का कुल वार्षिक विक्रय ₹280 बिलियन है तथा इनमें 36,000 लोगों को रोजगार मिल रहा है।

पर्यावरण सजगता
बजाज ऑटो भारत की पहली कंपनी बनी जिसने 1 अप्रैल 2017 से वाहनों में पर्यावरण की रोकथाम के लिए BS-IV नियमो को अपनाया था। इसके अतिरिक्त इस कंपनी ने वैकल्पिक ईंधन जैसे सीएनजी व एलपीजी से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों का उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया है। इसी प्रकार महाराष्ट्र में स्थापित उद्यमों को वर्ष 2000 से कोयला आधारित बिजली के स्थान पर पवन आधारित ऊर्जा से संचालित किया जा रहा है। इस प्रकार  बजाज भारत का एक ऐसा औद्योगिक घराना है जिसने पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को समय समय पर प्रदर्शित किया है।

इसी कड़ी में एक और कार्य जो बजाज ने किया है भारत में स्टार्टअप्स को वित्त उपलब्ध करवाने का- 28 नवंबर 2019 को बजाज ने बेंगलुरु स्थित विद्युत संचालित साइकिल व स्कूटर बनाने वाले स्टार्टअप युलु में ₹57 करोड़ निवेश का निर्णय करके। इससे न केवल एक नए उद्यमी को बढ़ावा मिलेगा वरन् पर्यावरण में प्रदूषण कम करने में भी सहायता मिलेगी। वैसे भी आने वाला समय विद्युत आधारित वाहनों का ही होगा।

Yulu Bike begins pilot in Delhi by going live in Connaught Place

सामाजिक उत्तरदायित्व
समूह के पहले दोनों चेयरमैन गांधीवादी विचारों से प्रभावित थे। इसलिए यह समूह आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, बाढ़, सूखा व अन्य आपदाओं के समय समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करता है। इस प्रकार बजाज समूह एक सफल स्वदेशी उद्यम का बड़ा उदाहरण है।

 

Source: http://bajajauto.com