Prepaid smartphone prices: Half of US devices priced at $600-plus - Verdict

आईफोन की कॉन्ट्रेक्ट मैनुफैक्चरिंग करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन के साथ-साथ सैमसंग, कार्बन, लावा और डिक्सन को करीब 100 अरब डॉलर का स्मार्टफोन निर्यात करने की मंजूरी मिल गयी है. यह मंजूरी सरकार के एक सशक्त समूह ने दी है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है. एंपावर्ड ग्रुप ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत लगभग 100 बिलियन डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन के निर्यात के लिए सभी आवेदनों को मंजूरी दे दी है. इन सभी आवेदन को इस सप्ताह कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. अधिकार प्राप्त समिति के सदस्यों में आर्थिक मामलों, व्यय, राजस्व, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने वाले विभाग और विदेश व्यापार महानिदेशक के सचिव के साथ नीति आयोग के सीईओ शामिल हैं.

mobile (1).

डीजीएफटी के अधिकारियों ने कहा कि इनमें से पांच आवेदक विदेशी हैं, सात भारतीय हैं और छह अन्य कंपोनेंट मैनुफैक्चरिंग कंपनियां हैं. एपल के कॉन्ट्रैक्ट निर्माताओं और सैमसंग ने अगले साल में 50 बिलियन डॉलर के फोन के उत्पादन का अनुमान जताया है, प्रत्येक मामले में निर्यात की संख्या थोड़ी कम रह सकती है. संचार एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ईटी को बताया, “पीएलआई के रूप में सरकार के प्रोत्साहन योजना से भारत की निर्माण क्षमता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक समुदाय के प्रति अत्यधिक विश्वास कायम हुआ है.”

पीएलआई योजना का उद्देश्य भारत को स्मार्टफोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है. इस योजना को इस साल अप्रैल में अधिसूचित किया गया था. यह योजना चीन-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच चीन से बाहर जाने के लिए निर्माताओं को भारत में कामकाज के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से लाई गई है. इसके साथ ही इस योजना का उद्देश्य वियतनाम जैसे निर्माण हब से कंपनियों को आकर्षित करना भी है. फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन के पहले से ही भारत में प्लांट चल रहे हैं. एपल का दूसरा सबसे बड़ा कॉन्ट्रेक्ट मैनुफैक्चररर पेगाट्रॉन अपने कारखाने की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से बात कर रहा है.

 

Source Link