गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान मारे गए हैं जबकि 76 सैनिक घायल हैं। सीमा पर चीन की यह हरकत देखकर देश में चीनी सामानों का बहिष्कार शुरू हो गया है। ऐसे में भारत सरकार ने अब योजना बनाई है कि वह चीन से आयात होने वाले सामानों पर रोक लगाएगा। रॉयटर्स के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सरकारी अधिकारियों ने बताया कि भारत करीब 300 चाइनीज प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर उनका आयात कम करेगा।

सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, सरकार अप्रैल से ही इस योजना पर काम कर रही है। इसी क्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर अभियान के जरिए लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने का ऐलान किया था। नाम जाहिर ना करने की शर्त पर सूत्रों ने बताया कि अगले तीन महीनों में नया ड्यूटी स्ट्रक्चर धीरे-धीरे लागू किया जा सकता है। इस योजना में फाइनेंस और ट्रेड मिनिस्ट्री शामिल है। हालांकि इस मामले में उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, सरकार 160 से 200 चाइनीज प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है। जबकि 100 चाइनीज प्रोडक्ट्स पर नॉन-टैरिफ बैरियर लगाने की तैयारी है। नॉन टैरिफ बैरियर का मतलब है कि उन पर शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा बल्कि लाइसेंस की जरूरत और सख्त क्वालिटी चेक के जरिए उनके आयात को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

इस योजना की सीधी जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इस फैसले से 8 अरब डॉलर से लेकर 10 अरब डॉलर तक के प्रोडक्ट्स का आयात रोक जाएगा। इस मामले में दूसरे अधिकारी ने कहा, “हम किसी देश को टारगेट नहीं कर रहे हैं बल्कि हम अपना ट्रेड डेफेसिट कम करना चाहते हैं।”

मार्च 2019 को खत्म फिस्कल ईयर में चीन और भारत के बीच 88 अरब डॉलर का द्विपक्षीय कारोबार हुआ। इसमें भारत का ट्रेड डेफेसिट ज्यादा रहा क्योंकि भारत ने चीन के मुकाबले 53.5 अरब डॉलर वैल्यू का ज्यादा गुड्स इंपोर्ट किया। अप्रैल 2019 से लेकर फरवरी 2020 तक चीन के साथ भारत का ट्रेड डेफेसिट 46.8 अरब डॉलर रहा। 

 

Credits: https://hindi.moneycontrol.com/news/market-news/india-china-border-faceoff-to-reduce-import-from-china-centre-planning-extra-tariffs-on-300-products_235921.html