(चित्र साभार: Tuchware)

कोरोनावायरस का प्रकोप हमारे जीवन और उद्योगों को धीमा कर सकता है, लेकिन इसके चलते हमने आविष्कार के एक नए युग में भी प्रवेश किया है। COVID-19 ने लोगों को अपने परिवेश को लेकर सावधान कर दिया है। यह बीमारी किसी सतह या किसी वस्तु को छूने से फैल सकती है जैसे कि दरवाजे की कुंडी, टेबल इत्यादि और यदि कोई व्यक्ति उसे चुने के बाद अपने मुंह, नाक या आंखों को छूता है, तो उसके भीतर इस वायरस के प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है।

हर दरवाजे को उतने ही सामान्य ढंग से छूते हैं, जितना हम अपने चेहरे को छूते हैं, लेकिन आज यह बेहद जोखिम भरा है। इसलिए आज सभी सतहों को कीटाणुरहित और साफ रखना बेहद जरूरी है, लेकिन कोई भी नियमित रूप से सार्वजनिक स्थानों पर दरवाजे को कीटाणुरहित नहीं कर सकता है क्योंकि ये सतहें कई लोगों द्वारा लगातार छुई जाती हैं। लोगों को इससे बचाने के लिए इंदौर स्थित Tuchware Systems & Solutions आज स्वचालित डोर ओपनर के साथ आया है।

अमोल बोयाटकर और राहुल सिंह द्वारा 2016 में स्थापित Tuchware आतिथ्य उद्योग के लिए इंटरनेट-आधारित इलेक्ट्रॉनिक और आरएफआईडी लॉकिंग समाधानों का निर्माण कर रहा है। स्वचालित स्लाइडिंग डोर तकनीक पहले से ही उपयोग में है, लेकिन स्विंग दरवाजों के लिए स्वचालित ओपनर सार्वजनिक स्थानों पर आसानी से उपलब्ध नहीं था। स्टार्टअप के अनुसार इसने वर्तमान में कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र, दिल्ली और पंजाब के अमृतसर सहित कई राज्यों में अपने इस समाधान को उतारा है।

कोरोना से लड़ाई योरस्टोरी से बात करते हुए, अमोल बताते हैं कि ऑटोमैटिक डोर ओपनर्स मोशन सेंसर का इस्तेमाल करते हैं और एंट्री को टचलेस बनाते हैं। इसके अलावा चूंकि Tuchware स्वचालित स्विंग दरवाजा ओपनर प्रदान करता है, इसलिए किसी भी सरल दरवाजे को एक स्वचालित में आसानी से बदल दिया जा सकता है।

वे कहते हैं, “पिछले दिसंबर से हमने स्लाइडिंग और स्विंग ऑटोमैटिक डोर ओपनर्स बेचना शुरू किया। COVID-19 के प्रकोप के साथ हमने अपने ग्राहकों से अधिक प्रश्न प्राप्त करना शुरू कर दिया क्योंकि उनके पास स्विंग दरवाजों के लिए स्वचालित ओपनर नहीं थे। जबकि मोशन सेंसर का उपयोग करके स्लाइडिंग दरवाजों का स्वत: खुल जाना आम है, कई होटलों में मोशन सेंसर का उपयोग करके स्वचालित स्विंग डोर ओपनर नहीं होते हैं।”

ऑटोमैटिक डोर ओपनर के अलावा स्टार्टअप थर्मल थर्मामीटर और थर्मल इमेजिंग कैमरा भी बनाती है। अमोल बताते है, “थर्मल इमेजिंग कैमरे चलती भीड़ की निगरानी कर सकते हैं और लोगों के तापमान को स्कैन कर सकते हैं, इस प्रकार अलग-अलग व्यक्तियों की जांच करने की आवश्यकता को समाप्त किया जा सकता हैं। यह शरीर के सामान्य तापमान से ऊपर वाले व्यक्ति को आसानी से पहचान सकता है। रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और मॉल जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर समाधान बहुत मददगार होगा।”

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