उत्तर प्रदेश के गोंडा के दो दिव्यांग युवाओं के जच्बे और कामयाबी की चर्चा समूचे इलाके में हो रही है। इनके हौसले की ताकत ही थी, जो इन्होंने अपने जैसे अन्य साथियों के लिए कुछ करने की मंशा से दो माह पहले नमकीन फैक्ट्री खोली। इनकी तरह पैरों से लाचार 70 दिव्यांग आज अपने पैरों पर खड़े हैं। इतना ही नहीं, दिव्यांगों की सफलता की इस उड़ान ने लॉकडाउन में बेरोजगार होकर घर लौटे 31 प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार देने का काम किया है। 

यह कहानी है दिव्यांग दीपक तिवारी और शेषराम की। लॉकडाउन में इन्होंने जो उद्यम शुरू किया, वह दो माह के भीतर दो लाख रुपये से 11 लाख रुपये के कारोबार में तब्दील हो चुका है। दीपक स्नैक्स नामक इनके उद्यम में नमकीन, स्नैक्स की पैकेजिंग और सप्लाई का काम पूरी तरह से दिव्यांगों के जिम्मे है। आत्मबोध संस्थान के जरिए दिव्यांगों के कल्याण के लिए लंबे समय से प्रयासरत दीपक ने पूर्व के प्रयासों के तहत गोंडा और बस्ती के जिन साथियों को ट्राइसाइकिल दिलवाई थी, आज उसी से वे नमकीन की सप्लाई कर रहे हैं। उत्पादों की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण तेजी से बाजार में अपनी जगह बनाने में कामयाबी पाई है। 

बदला लोगों का नजरिया 

बस्ती के नरायनपुर टेपरा गांव में रहने वाले मुकेश सिंह दोनों पैर से दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि घरवाले उन्हें बोझ समझने लगे थे। बैट्रीचालित ट्राइसाइकिल दीपक ने दिलाई थी। बाद में नमकीन के काम से जुडऩे का प्रस्ताव दिया। जब मैं पहले दिन स्नैक्स बेचकर सौ रुपये कमाकर घर गया तो लोगों का व्यवहार बदला हुआ था। अब हर दिन घरवाले शाम को मेरे घर लौटने का इंतजार करते हैं। दिव्यांग रमेश चौरसिया भी इसी तरह से प्रतिदिन 300 से 400 रुपये की कमाई कर रहे हैं। 

यूं पड़ी कंपनी की नींव 

समाजसेवा से जुड़े छपिया ब्लॉक के मिर्जापुर गांव निवासी दीपक तिवारी बताते हैं कि लॉकडाउन में कुछ प्रवासी श्रमिकों को खाद्य दिया। बाद में खबर लगी कि कुछ ने खाद्य बेचकर शराब पी ली। तभी सोचा कि ऐसी मदद मुनासिब नहीं, कुछ करना है तो जरूरतमंदों के लिए रोजगार की व्यवस्था करूं। अप्रैल में रेहड़ी और पटरी कारोबार को छूट मिली तो दिव्यांगों के लिए नमकीन फैक्ट्री का आइडिया आया। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने मित्र शेषराम से चर्चा की। कुछ काम निपटाने के लिए सामान्य लोगों की जरूरत थी। इसके लिए राम सजीवन, अरविंद कुमार गुप्ता जैसे 31 प्रवासी श्रमिकों को काम दिया गया। 

प्रचार के लिए बनाया फेसबुक पेज 

दीपक की ओर से कंपनी के प्रचार के लिए दीपक स्नैक्स लिमिटेड के नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। यह पेज सिर्फ कंपनी की ब्रांडिंग नहीं करता, बल्कि दिव्यांगों के सशक्त जच्बे का दीदार भी करा रहा है।

 

Source: Dainik Jagran