“करोगे सेवा तो पावोगे मेवा” ऐसे ही आज मुलाकात जोधपुर के राजकुमार जैन से हुई। पूरा परिवार साउथ मे हैं पर राजकुमार जी आपने माता- पिता सेवा ओर देखभाल करते हुए पढाई के बाद नौकरी की तरफ ध्यान नहीं दिया ओर व्यवहार मे कुछ कर गुजरने की ठानी और शुरूकिया पुराने लकड़ी के बने वस्तुओं को नया लुक (मोडिफाइड) देकर EXPORT करने की ठानी।

आज विदेशी व्यापार के साथ पूरे देश भर में जोधपुर के उत्तर गुणवत्ता के बने फर्नीचर मे आपका नाम हैं। हाल ही मे (लाकडाउन) कोरोना महामारी के चलते गरिबों ओर जरूरत मंदो को मुफ्त दवाएं ओर भोजन सामग्री के साथ अपने कर्मचारियों को भुगतान कर मानवता का एक उदाहरण पेश किया। ओर आज  प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक  लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।