कपिल सोरठिया और अक्षय

जिंदगी में ऐसे असीम बहाने मिलेंगे जो आपको आपके लक्ष्य पर पहुँचने में बाधा उत्पन्न करे। लक्ष्य प्राप्ति के सपने तो हर कोई देखता है लेकिन कुछ ही ऐसे लोग होते जो राह में आने वाली तमाम बाधाओं का डटकर मुकाबला करते हुए मंजिल तक पहुंचने में कामयाबी हासिल कर पाते।

असली सपने वे नहीं होते जो आप सोते समय देखते हैं बल्कि वे हैं जिन्हें आप खुली आँखों से देखते हैं। वास्तविक सपने तो वो हैं जो आपको सोने नहीं देते, और यही मानना है हमारी आज की कहानी के हीरो कपिल सोरठिया की। पेशे से इंजीनियर कपिल ने लीक से हटकर कुछ करने का निश्चय किया और आज वह हमारे सामने एक प्रेरक व्यक्तित्व के रूप में खड़े हैं। उन्होंने अपने मित्र अक्षय गजेरा के साथ मिलकर एके ब्रदर नामक एक उद्यम की स्थापना की जो भारत, ब्रिटेन और कनाडा के विभिन्न हिस्सों में उच्च गुणवत्ता वाले जैविक केसर आमों की आपूर्ति करता है।

गुजरात के मंदोर्ना नामक गांव के एक साधारण परिवार में जन्में और पले-बढ़े कपिल एक औसत छात्र हुआ करते थे। स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए वह राजकोट चले गए। सफलतापूर्वक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई आईटी कंपनियों में इंटर्न के रूप में काम किया। हालांकि, नौ से पांच की उबाऊ दिनचर्या के साथ पूरी जिंदगी व्यतीत करने की बजाय उन्होंने फैसला किया कि वह खुद का अपना एक साम्राज्य बनाएंगे।

उन्होंने एक आईटी फर्म में कई महीनों तक एक अवैतनिक कर्मचारी के रूप में काम किया लेकिन क्षेत्र में अच्छा अनुभव प्राप्त किया। वह निर्यात को समझने के लिए भी उत्सुक थे, इसलिए उन्होंने कुछ समय के लिए निर्यात क्षेत्र में भी काम किया और जब उन्हें पर्याप्त ज्ञान प्राप्त हुआ तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

एक मैगजीन  से विशेष वार्ता में संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कपिल कहते हैं कि ‘मेरे पास नौकरी पाने के लिए कभी धैर्य नहीं था और न ही आर्थिक रूप से खुश होने के लिए महीने के अंत तक प्रतीक्षा करने का सब्र। मैं हमेशा से उद्यमिता को गले लगाना चाहता था।’

एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले कपिल के पिता अपनी पुस्तैनी जमीन पर केसर आम की खेती किया करते थे, लेकिन उन्हें कभी संतोषजनक लाभ नहीं हुआ। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह थी कि उन्हें आम बेचने के लिए विभिन्न बिचौलियों से निपटना होता था। कपिल ने खेत को सही तरीके से उपयोग करने और इसे राजस्व मंथन व्यवसाय में बदलने का फैसला किया।

कपिल कहते हैं, “मेरे पास आईटी और डिजिटल मार्केटिंग में विशेषज्ञता थी, मैंने अक्षय के साथ हाथ मिलाया, जो पूरी तरह से जैविक खेती के साथ अनुभवी हैं और हमने बेहतर गुणवत्ता वाले केसर आमों को उगाना शुरू किया”।

शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने सिर्फ और सिर्फ अपनी गुणवत्ता और सप्लाई चैन को मजबूत बनाने की ओर ध्यान केंद्रित किया।

आज ‘एके ब्रदर’ व्यापक रूप से अपनी प्रीमियम गुणवत्ता और स्वाद के लिए जाना जाता है। कपिल को लगता है कि गुणवत्ता इस उद्यम की सफलता का प्रमुख कारण है। हर साल ग्राहक में पचास प्रतिशत की वृद्धि होती है। यहां तक कि अगर एक भी आम ख़राब निकलता है, तो वे पूरे बॉक्स को ग्राहक के लिए एक नए बॉक्स के साथ बदल देते हैं।

अपने ब्रांड को मशहूर बनाने के उद्देश्य से कपिल ने तकनीक का भरपूर सहारा लिया। इस कड़ी में उन्होंने सोशल मीडिया और खोज इंजिन अनुकूलन (एसईओ) का भी सहारा लिया। “एसईओ इस तरह से किया जाता है कि यदि आप भारत या विदेश में कहीं से भी केसर आमों की खोज करते हैं, तो उनके आम पहले सर्च इंजन में दिखाई देते हैं। यही कारण है कि उन्हें अच्छी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर भी मिल रहे हैं।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कोरोना संकट में भी लॉकडाउन के बीच, कपिल ने कुल 40 लाख रुपये का व्यवसाय करने में कामयाबी हासिल की। सालों-साल बढ़ती मांग को देखते हुए, वह किसानों की एक मजबूत टीम बनाने की योजना बना रहे हैं और भारत के हर कोने में सबसे अच्छी गुणवत्ता के आम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखते हैं। साथ ही, वह बड़े पैमाने पर विदेशों में आमों के निर्यात की भी योजना बना रहे हैं।

कपिल की कहानी हर मायनों में प्रेरणा से भरी है। वह चाहते तो इंजीनियरिंग करने के बाद नौ से पाँच की नौकरी के साथ अपना जीवन-यापन कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कुछ बड़ा करने का ख़्वाब देखा। अपने लक्ष्य प्राप्ति को लेकर उन्होंने नौकरी छोड़ने का रिश्क लिया और आज उन्हें कोई पछतावा नहीं है।