भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के पूर्व छात्रों ने एक ऐसी तकनीक को विकसित किया है। जिससे इस्तेमाल हो चुके एन-95 मास्क को दोबारा इस्तेमाल (रीयूज) किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण एवं मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन (मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट) में भी संयोग मिलेगा। आइआइटी दिल्ली के पूर्व छात्र कुशाग्र श्रीवास्तव और भारती सिंगला की स्टार्टअप कंपनी चक्र इनोवेशन ने चक्र डीकोव प्रोडक्ट को शुक्रवार को लॉन्च किया है।

इस प्रोडक्ट के जरिये ओजोन गैस के उपयोग से यूज हो चुके एन95 मास्क का शुद्धीकरण करते हुए इसे रीयूज किया जा सकेगा। ऐसा दावा किया गया है कि यह प्रोडक्ट एन95 मास्क में मौजूद बैक्टिरिया को पूरी तरह से खत्म करने में सक्षम है।

साथ ही मास्क में अगर कोरोना वायरस भी मौजूद होगा तो उसे भी दूर करने में कारगर है, जिसकी टेस्टिंग भारतीय आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर)- नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी), पूणे में 30 अप्रैल से लेकर 30 जून के दौरान की गई है। चक्र डिकोव प्रोडक्ट में इन 95 मास्क को शुद्धिकृत करके दोबारा उपयोग किया जा सकता है, इस प्रकार एक एन95 मास्क को 10 बार तक उपयोग किया जा सकता है।

कंपनी ने यह भी दावा किया है दोबारा इस्तेमाल योग्य एन95 के तैयार होने के बाद इसके फिल्टर करने की क्षमता पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही केंद्र सरकार की टेक्सटाइल शोध एवं मास्क की जांच करने वाले गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च असोसिएशन (सिटरा) ने भी इसके द्वारा डीकॉनटेमिनेट हुए एन95 मास्क की जांच की है। शुक्रवार को इस प्रोडक्ट को ऑनलाइन माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने लॉन्च किया।

इस अवसर पर राज्य सभा सदस्य व सर्जन डॉ विकास महात्मे, आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रो वी.रामगोपाल राव समेत अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। कुशाग्र ने बताया कि इस खासतौर पर निजी अस्पतालों के लिए तैयार किया गया है। जिससे वह एन95 मास्क को रीयूज कर सकें। साथ ही आने वाले समय में जरूरत पड़ने पर इसे रेलवे, एयरपोर्ट, होटलों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कुशाग्र ने बताया कि चक्र डिकोव प्रोडक्ट एक माइक्रोवेव की तरह है। इसकी कीमत 3 लाख से 8 लाख रुपये तक है, जिसकी कीमत 15-20 दिनों में किसी भी अस्पताल द्वारा वसूल की जा सकती है। प्रोडक्ट के अंदर ओजोन गैस की विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा एन 95 मास्क को 90 मिनट में को रीयूज करने के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें कोई लीकेज भी नहीं होती है।

कुशाग्र और भारती ने वर्ष 2016 में चक्र इनोवेशन स्टार्टअप कंपनी को स्थापित किया था। भारती सिंगला ने कैमिकल इंजीनियरिंग में वर्ष 2015 में और कुशाग्र श्रीवास्तव ने वर्ष 2017 में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में आइआइटी दिल्ली से बीटेक की थी।

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