स्वदेशी जागरण मंच

नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों की तरफ से चल रहे आंदोलन के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने भी सरकार को कई संशोधन करने सुझाव दिए हैं। मंच ने

रविवार को कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे के मूल्य पर फसल खरीदने को गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए। हालांकि मंच ने यह भी कहा कि कानून लाने के पीछे सरकार की कोई गलत मंशा नहीं है। 
संगठन की तरफ से पारित घोषणापत्र में कहा गया कि किसानों को एमएसपी की गारंटी मिलनी चाहिए और इससे नीचे के मूल्य पर फसल खरीदे जाने को गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए। सरकार के लिए ही नहीं बल्कि निजी कंपनियां के भी एमएसपी से नीचे के मूल्य पर फसल खरीदने पर रोक लगानी चाहिए।  

संगठन के समन्वयक अश्विनी महाजन ने कहा, मंडी शुल्क की अनुपस्थिति के कारण खरीदार खुद ही एपीएमसी बाजार से बाहर खरीदारी करने के लिए प्रेरित होंगे। ऐसे में किसानों को भी अपनी उपज एपीएमसी बाजारों से बाहर बेचने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, स्वदेशी जागरण मंच को लगता है कि ऐसे हालात में बड़ी खरीद कंपनियां किसानों का  शोषण कर सकती हैं। ऐसे में यह उचित होगा कि एपीएमसी बाजारों से बाहर खरीदारी करने की स्थिति में किसानों को एमएसपी का मूल्य मिले और इससे नीचे के मूल्य पर की गई खरीद अवैध घोषित हो।

संगठन ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़े नियमों में भी संशोधन की सलाह दी ताकि देश में सीधे या बैकडोर से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मल्टीब्रांड रिटेल व्यापार में प्रवेश को प्रतिबंधित किया सके। 

 

Source: Amar Ujala