सफ़िया जावेद पिछले पांच सालों से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं फिर भी उसने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा देने का फैसला किया। उसकी इस कड़ी मेहनत का नतीजा भी उसे मिला और उसने 69 प्रतिशत स्कोर हासिल किया।

सफ़िया ने ड्राइंग में 82 अंक, अंग्रेजी में 77 और सामाजिक विज्ञान में 68 अंक हासिल किए। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सफ़िया के पिता सरवर ने बताया, “उसकी किताबें और पढ़ाई उसके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार साबित हुई।”

सफ़िया – तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है – “कमजोर फेफड़े” और उसे नियमित ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता होती है। उसे कई महीनों तक बिस्तर पर भी रखा गया था। बरेली के रहने वाले सफ़िया के पिता नोएडा में काम करते हैं और परीक्षा के दौरान अपनी बेटी के साथ रहने के लिए उन्होंने काम से छुट्टी ले ली थी।

उन्होंने कहा, “मेरी बेटी की मेडिकल स्थिति पित्ताशय की थैली की सर्जरी (gallbladder surgery) के बाद शुरू हुई। उसे तपेदिक (tuberculosis) हो गया था। तब उसे एक निजी अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया गया और सुधार लगने लगा लेकिन बाद में हमें पता चला कि वह फेफड़े के क्षय रोग (pulmonary tuberculosis) से पीड़ित थी।”

उन्होंने आगे बताया, “उसके फेफड़े अक्सर पानी से भरे हुए थे और उसे निवारक उपचार से गुजरना पड़ा। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों ने उसे नियमित ऑक्सीजन सहायता पर रखने के लिए कहा है।” सफ़िया के चाचा ज़बी अहमद ने उसके (सफ़िया के) माता-पिता को लगातार यह सुनिश्चित करने का सारा श्रेय दिया कि 16 वर्षीय लड़की अपने स्वास्थ्य की ऐसी स्थिति के बावजूद प्रेरित रहती है।

सफ़िया जावेद ने कहा, “मेरे माता-पिता ने मुझे सपोर्ट किया और हमेशा मुझ पर भरोसा दिखाया। मैं बहुत खुश हूं कि मैं अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरा उतर सकी।” आपको बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी सफ़िया जावेद की हिम्मत को सलाम किया और उसे इस सफलता के लिये बधाई भी दी।

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