Covid-19 से जंग में महाराष्ट्र के वर्धा स्थित सेवाग्राम के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायॉलजी विभाग ने अब PPE किट को कैसे कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है, इसका हल ढूंढ लिया है। माइक्रोबायॉलजी विभाग के डॉक्टर राहुल नारंग ने एक ऐसी पीपीई किट तैयार की है, जिसे 20 बार धुला जा सकता है। उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खास बात यह है कि यह पीपीई किट बाजार में उपलब्ध अन्य पीपीई किट से काफी कम दाम का होगा।

PPE किट का कपड़ा कैसा होगा, इस बारे में परामर्श लेने के लिए डॉक्टर राहुल नारंग ने सीधे डीआरडीओ से संपर्क किया। वहां से जानकारी और मदद हासिल की। ऐसा कपड़ा जिसे बार-बार धुला जा सके। यह तमाम जानकारी हासिल करने के बाद इस कपड़े को गुजरात से मंगवाया गया।

कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद भारत ने बड़े पैमाने पर संक्रमण से बचने लिए स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जरूरी व्यक्तिगत सुरक्षा परिधान (PPE) को तैयार किया है। मई में ही भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिग देश बन गया था। पीपीई की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

इस कंपनी ने एक तिहाई कीमत पर तैयार की PPE किट

चिकित्सकों, नर्सों, अस्पताल कर्मियों और अन्य लोगों के लिए PPE किट की काफी जरूरत है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कपड़ा इकाई आलोक इंडस्ट्रीज चीन से आयातित PPE किट की तुलना में सिर्फ एक-तिहाई यानी करीब 33 प्रतिशत लागत पर इसका उत्पादन कर रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल में आलोक इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था।

 

Credits: Navbharat Times