5 things every company should know about EU trademarks | EU-Startups

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स्वदेशी जागरण मंच

“धर्मक्षेत्र, सेक्टर -8, आर.के. पुरम, नई दिल्ली

Ph। 011-26184595, 

वेब: www.swadeshionline.in

 

सेवा

 श्री उगो अस्तुतो,

 माननीय राजदूत

 भारत और भूटान को यूरोपीय संघ का प्रतिनिधिमंडल

 5/5, शांतिनिकेतन, नई दिल्ली – 110 021, भारत

 

विषय: ट्रिप्स छूट प्रस्ताव

प्रिय राजदूत अस्तुतो,

स्वदेशी जागरण मंच यह पत्र कोविड-19 चिकित्सा उत्पादों के लिए कुछ बौद्धिक संपदा (IP) को निलंबित करने के ट्रिप्स (TRIPS) छूट प्रस्ताव की दस्तावेज-आधारित बातचीत का समर्थन करने के लिए यूरोपीय संघ की अनिच्छा की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए लिख रहा है।

जैसा कि आप जानते हैं कि कोविड-19, मानवता के सामने सबसे भयानक महामारी के मद्देनजर, भारत ने दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर अक्टूबर 2020 में डब्ल्यूटीओ में प्रस्ताव रखा है और डब्ल्यूटीओ की ट्रिप्स काउंसिल, से सीमित वर्षों (जिस पर बातचीत की जाएगी) के लिए कोविड-19 की रोकथाम और उपचार के लिए ट्रिप्स समझौते के विशिष्ट प्रावधानों के कार्यान्वयन, आवेदन और प्रवर्तन से छूट देने का आग्रह किया है।

जैसा कि आप जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्व में ऐसे उपाय करने से बचने का दायित्व भी शामिल है जिसके परिणामस्वरूप अन्य देशों में मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। दस्तावेज़ आधारित वार्ता को अवरुद्ध करने का प्रयास कोविड-19 चिकित्सा उत्पादों के एकाधिकार के लिए एक अप्रत्यक्ष समर्थन है जो एकजुटता की अवधारणा के खिलाफ जाता है। और यहां तक ​​कि यह आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय वाचा (ICESCR) के अनुच्छेद 12 के तहत गारंटीकृत स्वास्थ्य के अधिकार का भी उल्लंघन करता है।

हम यह बताना चाहेंगे कि हमारे सामने सबसे अच्छा विकल्प,ऑपरेशन की स्वतंत्रता के खिलाफ कानूनी बाधा को हटाकर, विभिन्न कोविड19 चिकित्सा उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाना है। ‘दान’ का दृष्टिकोण यानी टीके और अन्य चिकित्सा उत्पादों का ‘दान’ करना एक स्थायी रणनीति नहीं हो सकती है। इसके अलावा इस तरह का दृष्टिकोण भी अब तक समस्या को प्रभावी ढंग से हल करने में विफल रहा है। इस तरह के दृष्टिकोण से कुछ कंपनियों द्वारा कोविड-19 चिकित्सा उत्पादों पर एकाधिकार जारी रखने की संभावना है; और यह केवल लोगों के दुखों को बढ़ाएगा, जिसे भारत और दुनिया ने हाल के महीनों में झेला है, क्योंकि इससे चिकित्सा उत्पादों की कमी बनी रहेगी और उपचार वहनीय नहीं हो सकेगा।

यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पेटेंट ही एकमात्र बाधा नहीं है; टीकों, दवाओं आदि के उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापार रहस्य तक पहुंच भी महत्वपूर्ण है। इसलिए, यूरोपीय संघ ने प्रस्तावित कोविड-19 वैक्सीन के वास्तविक मुद्दे को संबोधित करने के बजाय, पेटेंट पूल के विषय को लाकर मुद्दे को भटकाने की रणनीति अपनायी है। इस अभूतपूर्व अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट पर लोगों के स्वास्थ्य को लाभ से ऊपर रखना महत्वपूर्ण है।

इस पृष्ठभूमि के साथ, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि ट्रिप्स छूट प्रस्ताव का बिना शर्त समर्थन करें और प्रस्ताव के उद्देश्यों और मूल भावना से समझौता किए बिना बातचीत को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए दस्तावेज-आधारित बातचीत में रचनात्मक रूप से शामिल हों।

आपके उत्तर की प्रतीक्षा में।

 

 सस्नेह

डॉ अश्विनी महाजन

 राष्ट्रीय सह संयोजक

 सीसी

 सभी यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के दूतावास

 

Letter from Swadeshi Jagran Manch to Mr. Ugo Astuto,

Hon’ble Ambassador

Delegation of the European Union to India and Bhutan

।।।

Swadeshi Jagran Manch

“Dharamakshetra, Sector-8, R.K. Puram, New Delhi

Ph. 011-26184595, Web: www.swadeshionline.in

 

New Delhi

20th May 2021

 

To

Mr. Ugo Astuto,

Hon’ble Ambassador

Delegation of the European Union to India and Bhutan

5/5, Shantiniketan, New Delhi – 110 021, INDIA

SUB: TRIPS Waiver Proposal

Dear Ambassdor Astuto,

The Swadeshi Jagran Manch (SJM) is writing to draw your attention to the EU’s reluctance to support a text-based negotiation of TRIPS Waiver proposal to suspend certain intellectual property (IP) for the COVID19 medical products.

As you are aware that in view of the COVID-19, a worst pandemic faced by the humanity, India along with South Africa has proposed in October 2020 in WTO and urged WTO to grant a waiver for limited years (which will be negotiated by the TRIPS Council), from the implementation, application and enforcement of specific provisions of the TRIPS agreement for the prevention, containment and treatment of COVID-19.

After the announcement of the USTR on 5th May to support the text-based negotiations on the waiver proposal many countries came forward to support the negotiation. However, the announcement of the EU is not clear in its support to the text-based negotiation. Further, the EU attempted to limit it to the scope of the TRIPS Waiver to only to the vaccine patents.

As you know the international human rights obligation also includes an obligation to desist from taking measures that result in the infringement of human rights in other countries. Attempts to block the text-based negotiations is an indirect support to COVID 19 medical products goes against the concept of solidarity and even violate the right to health guaranteed under Article 12 of the International Covenant on Economic Social and Cultural Rights (ICESCR).

We would like to state that the best option before us is to scale up the production of various COVID19 medical products by removing the legal barrier against the freedom of operation. The approach of charity i.e. donating vaccines and other medical products is not a sustainable strategy. Further such an approach has also failed so far to effectively address the problem. This kind of approach is likely to lead to continuation of monopoly by a few companies over Covid19 medical products; and it will only accentuate the miseries of the people, as the same is likely to cause shortages and unaffordable treatment, which India and world has gone through in recent months.

It is also important to note that patent is not the only barrier, access to trade secret is critical to scale up the production of vaccines, diagnostics etc. Therefore, EU proposed COVID19 Vaccine Patent Pool is diversionary tactic rather than addressing the real issue. On this unprecedented international health Criss, it is important to keep peoples’ health above the profit.

Against this background, we request you to unconditionally support the TRIPS Waiver Proposal and constructively engage in the text-based negotiation to conclude the negotiation at the earliest without compromising the purposes and objectives behind the proposal.

Looking forward to your reply

With regards

 Dr Ashwani Mahajan

National Co Convenor

CC

Embassies of all EU Member States