सोनम वांगचुक, लद्दाख में रहने वाले भारतीय इंजीनियर (फोटो साभार: scroll)

भारतीयों ने चीनी सामानों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है और भारत सरकार ने हिमालय में घातक सीमा संघर्ष, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी और 76 जवान घायल हुए थे, के बाद चीन में निवेश को ब्लॉक करने और चीन के लिए टैरिफ को बढ़ाने का ऐलान किया है।

लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्र में विवादित सीमा के किनारे खड़ी उप-सीमा पर सोमवार रात हुई लड़ाई 45 वर्षों में भारतीय और चीनी सेना के बीच सबसे खराब हिंसा थी। सोनम वांगचुक जो कि एक अग्रणी भारतीय इंजीनियर हैं और लद्दाख में रहते हुए अपना काम करते हैं, हाल के वर्षों में चीन के “बदमाशी” भरे व्यवहार के चलते चीन के बहिष्कार के मामले में सबसे आगे आए हैं।

वांगचुक ने कहा, “चीन चाहता है कि हम उससे सिर्फ सैन्य बल से आमने-सामने हों। लेकिन हमें वो करना चाहिए जो उसके लिये सबसे ज्यादा नुकसानदायक हो और वो है आर्थिक क्षति। भारत से वो बहुत पैसा कमाता है … लेकिन हमें खुद को इस जाल से बाहर निकालने की जरूरत है और चीन एक भेड़िया, एक दुष्ट राष्ट्र है।” वांगचुक ने कहा कि अभियान पहले से ही अधिक सफल हो गया था जिसका उन्होंने कभी अनुमान लगाया था।

उन्होंने आगे कहा, “देश भर के नागरिक एकजुट होकर एक बड़ा अंतर ला सकते हैं। पिछले 30 वर्षों में चीन में बनने वाले छोटे पर्स भी उन्हें नीचे ला सकते हैं।”

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