:भा: संयोजक अरुण ओझा श्री श्री रविशंकर महाराज को सम्मानित करते हुए व सम्मेलन में शामिल कार्यकर्ता।
गत 4 दिनों में तमिलनाडु के प्रसिद्ध मीनाक्षी देवी के नगर मदुरई में स्वदेशी जागरण मंच का 13वां स्वदेशी सम्मेलन संपन्न हुआ। जिसमें देश के लगभग सभी प्रांतों से कोई 1100 कार्यकर्त्ता (पुरुष व महिला) सम्मिलित हुए।
सब तरफ उत्साह, सब तरफ स्वदेशी विचार का संदेश।
चार प्रमुख प्रस्ताव पारित हुए।
इन प्रस्तावों में भारत में चल रही घुसपैठ से आर्थिक नुकसान, फ्री ट्रेड समझौता (RCEP)भारत के हित में नहीं, रोजगार केंद्रीत स्वदेशी विकास मॉडल व E-Commerce की चर्चा हुई।
स्वदेशी जागरण मंच गत 28 वर्षों से नियमित समय पर अपनी राष्ट्रीय परिषद,कार्यसमिति,सम्मेलन-सभा का आयोजन करता आया है। इसके कारण से भारत की स्वदेशी आवाज बन गया है- अपना स्वदेशी जागरण मंच
मदुरई के कार्यकर्ताओं ने भाषा की कठिनाइयों के बावजूद सारा सम्मेलन ऐसे संपन्न कराया जैसे परिवार में विवाह इत्यादि पर करते हैं।
विश्वविख्यात संत श्री श्री रविशंकर जी महाराज के आगमन से इसमें गरिमा और बढ़ गई पहले स्वदेशी जहाजरानी अभियान के अगुआ विवो चिदंबरम के पोत्र भी वहां पर आए।
स्वदेशी संदेश रैली भी भव्य तरीके से निकली। मानो मदुरै में एक ही स्वर गूंज रहा हो..जय स्वदेशी जय स्वदेशी।